
New Delhi : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मॉनसून से पहले नालों की सफाई और गाद निकासी का कार्य समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग आपसी समन्वय से काम करेंगे तो बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे पानी निकालने के लिए पंपों पर निर्भरता कम हो।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जलभराव से बचाव के लिए अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की। नालों की सफाई, निर्माण, मरम्मत और गाद निकासी के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 30 जून तक हर हाल में नालों से गाद निकालकर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाई जाए, ताकि बारिश का पानी सड़कों पर जमा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में कूड़ा नालियों को जाम करता है, इसलिए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने मिंटो रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले वर्ष वहां जलभराव नहीं हुआ, क्योंकि समय रहते निगरानी और समस्या समाधान किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि इसी मॉडल को पूरे शहर में लागू किया जाए और विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। समन्वय की कमी या लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
जलभराव से निपटने के लिए आधुनिक मशीनों और तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर तुरंत मशीनों की खरीद की जाए और जलभराव वाले स्थानों पर पहले से ही प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पानी को तेजी से निकाला जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान वे फील्ड में सक्रिय रहें और अपने स्टाफ के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं भी मॉनसून के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगी, ताकि जमीनी स्थिति का आकलन किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने दीर्घकालिक समाधान पर बल देते हुए कहा कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करना होगा। सरकार का उद्देश्य अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे मॉनसून के दौरान लोगों को राहत मिल सके और राजधानी का बुनियादी ढांचा मजबूत हो।





