Noida Plot Fraud: एनईए अध्यक्ष की पत्नी के प्लॉट पर फर्जीवाड़ा, कूटरचित दस्तावेज से कब्जे का आरोप
Noida Plot Fraud: एनईए अध्यक्ष की पत्नी के प्लॉट पर फर्जीवाड़ा, कूटरचित दस्तावेज से कब्जे का आरोप
नोएडा में जमीन से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन की पत्नी अनु मल्हन के प्लॉट पर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने का आरोप लगा है। इस घटना ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जमीन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, अनु मल्हन को सेक्टर 61 में 162 वर्ग मीटर का प्लॉट आवंटित किया गया था। बाद में प्राधिकरण की कन्वर्जन स्कीम के तहत उन्हें सेक्टर 43 में 450 वर्ग मीटर का प्लॉट दे दिया गया। हालांकि इस बदलाव को लेकर न्यायालय में अपील की गई, जिसके बाद प्राधिकरण ने दोबारा सेक्टर 61 में ही उनका मूल भूखंड बहाल कर दिया था।
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब फरवरी 2024 में अनु मल्हन को जानकारी मिली कि उनके प्लॉट पर कुछ लोग निर्माण कार्य करा रहे हैं। जब इस संबंध में प्राधिकरण से शिकायत की गई, तो जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि मेरठ के खरखोदा क्षेत्र के विजोली गांव निवासी मीनू नामक महिला ने कथित रूप से अनु मल्हन के नाम पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर अपने पक्ष में अधिकार हासिल कर लिया।
इस कूटरचित दस्तावेज में राजपाल और रोहन को गवाह के रूप में दर्शाया गया है। आरोप है कि मीनू ने इन्हीं फर्जी कागजात के आधार पर प्राधिकरण से अनुमति भी प्राप्त कर ली और प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। पीड़िता का कहना है कि वह मीनू को जानती तक नहीं हैं और उन्होंने कभी भी किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
इस पूरे मामले को लेकर अनु मल्हन ने सेक्टर 58 थाने में मीनू, राजपाल और रोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर नोएडा में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और दस्तावेजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह एक सुनियोजित साजिश हो सकती है, जिसमें सरकारी रिकॉर्ड और पहचान का दुरुपयोग किया गया है। फिलहाल पुलिस और प्राधिकरण दोनों ही मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।




