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Delhi Mock Drill: दिल्ली में 13 जगह धमाके की कॉल से मचा हड़कंप, जांच में निकली सुरक्षा एजेंसियों की मॉक ड्रिल

Delhi Mock Drill: दिल्ली में 13 जगह धमाके की कॉल से मचा हड़कंप, जांच में निकली सुरक्षा एजेंसियों की मॉक ड्रिल

रिपोर्ट: रवि डालमिया

दिल्ली से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई, जहां राजधानी के अलग-अलग इलाकों में धमाके की कॉल मिलने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि जांच के बाद साफ हो गया कि यह कोई वास्तविक खतरा नहीं था, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आयोजित एक बड़ी मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य आपातकालीन हालात में तैयारियों को परखना था।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में एक साथ 13 स्थानों पर इमरजेंसी कॉल जारी की गई, जिसके बाद डीडीएमए, सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, दिल्ली पुलिस, कैट एंबुलेंस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का अभ्यास किया। इस दौरान पूरे शहर में हाई अलर्ट जैसा माहौल देखने को मिला।

पूर्वी दिल्ली में जिला मजिस्ट्रेट के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण भवन को इस मॉक ड्रिल का मुख्य केंद्र बनाया गया। यहां रात 8 बजे सिविल डिफेंस की टीम ने सायरन बजाकर ब्लैकआउट किया, जिससे एयर स्ट्राइक जैसी आपात स्थिति का अभ्यास किया जा सके। लगभग 10 मिनट तक चले इस ब्लैकआउट के बाद 8 बजकर 10 मिनट पर स्थिति सामान्य कर दी गई।

गांधीनगर के एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि डीडीएमए के माध्यम से यह मॉक ड्रिल पूरे दिल्ली में आयोजित की गई, जिसमें सभी एजेंसियों ने मिलकर आपदा की स्थिति में अपनी प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कवायद से आपातकालीन हालात में बेहतर समन्वय और तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।

वहीं फायर अधिकारी अनूप कुमार के अनुसार, उन्हें 8 बजकर 10 मिनट पर फ्लड कंट्रोल रूम से हमले की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभ्यास किया।

इस मॉक ड्रिल के दौरान 10 लोगों को कैजुअल्टी के रूप में दर्शाया गया, जिनमें से 4 को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेजा गया, जबकि 6 लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए यह देखा गया कि आपदा के समय राहत और बचाव कार्य कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।

फिलहाल राहत की बात यह रही कि यह पूरी घटना सिर्फ एक अभ्यास थी और किसी भी प्रकार का कोई वास्तविक खतरा नहीं था। इस मॉक ड्रिल ने राजधानी की आपदा प्रबंधन तैयारियों की एक झलक जरूर पेश की है।

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