Noida Gas Crisis: सुबह से लाइन में लगने के बाद दोपहर में मिल रहा सिलेंडर, लोगों की बढ़ी परेशानी

Noida Gas Crisis: सुबह से लाइन में लगने के बाद दोपहर में मिल रहा सिलेंडर, लोगों की बढ़ी परेशानी
नोएडा। जिले में रसोई गैस की किल्लत लगातार गहराती जा रही है, जिससे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। अधिकांश गैस एजेंसियों पर हालात ऐसे हैं कि लोगों को सुबह से लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और घंटों इंतजार के बाद दोपहर में कहीं जाकर सिलेंडर मिल पा रहा है।
सेक्टर-4 में मंगलवार को भी गैस सिलेंडर के लिए भारी भीड़ देखने को मिली। लंबी कतारों के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता राजू ने बताया कि वह सोमवार देर रात से ही लाइन में लगे थे और उन्हें दोपहर करीब दो बजे जाकर सिलेंडर मिल सका। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से लगातार लाइन में लगने के बावजूद कई बार नंबर आने से पहले ही सिलेंडर खत्म हो जाते थे, जिससे परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं, छोटे कारोबारियों पर भी इस संकट का गहरा असर पड़ रहा है। संदीप डागुर, जो समोसे और चाउमीन का काम करते हैं, ने बताया कि गैस की कमी के कारण उनका काम लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बुकिंग कराने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा और कई बार उनका सिलेंडर किसी और को दे दिया जाता है। मजबूरी में उन्हें सुबह चार बजे से लाइन में लगना पड़ा और दोपहर में जाकर सिलेंडर मिला।
दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह समस्या और भी गंभीर बन गई है। उपभोक्ता बृजेश कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर लेने के चक्कर में उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। सोमवार को छुट्टी के कारण उनकी कमाई नहीं हुई और मंगलवार को भी लाइन में लगने के कारण काम पर नहीं जा सके। सुबह से इंतजार करने के बाद उन्हें दोपहर तीन बजे सिलेंडर मिला।
सलारपुर निवासी मोहम्मद अस्लम ने बताया कि गैस की कमी के कारण लोगों की दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाना, लंबी कतारों में खड़ा रहना और कामकाज का नुकसान अब आम बात बन गई है।
सिर्फ सेक्टर-4 ही नहीं, बल्कि सेक्टर-12-22, हरौला, सेक्टर-16 नयाबांस, बहलोलपुर, चोटपुर, सर्फाबाद, सोरखा, सलारपुर, भंगेल और बरौला जैसे कई इलाकों में भी लोगों को गैस सिलेंडर के लिए जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गैस आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस संकट से राहत मिल सके और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य हो सके।





