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India-Sri Lanka Parliamentary Ties Strengthened: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने श्रीलंका के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का किया स्वागत

India-Sri Lanka Parliamentary Ties Strengthened: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने श्रीलंका के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का किया स्वागत

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने Oversight Committee on Infrastructure and Strategic Issues, Parliament of Sri Lanka के अध्यक्ष श्री एस. एम. मारिक्कर के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल का भारतीय संसद में गरिमापूर्ण और आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों देशों के सांसदों ने द्विपक्षीय सहयोग, संसदीय साझेदारी और विकास परियोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

ओम बिरला ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच संबंध केवल पड़ोसी देश होने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा संस्कृति, इतिहास और विरासत से जुड़े गहरे और आत्मीय संबंध हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने हमेशा श्रीलंका के संकटों में विश्वसनीय First Responder की भूमिका निभाई है और Neighbourhood First नीति के तहत दोनों देशों के रिश्तों को लगातार मजबूत किया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष ने बजट सत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस दौरान देश के विकास, योजनाओं और नीतियों पर विस्तार से चर्चा होती है और संसदीय समितियाँ इस प्रक्रिया में ‘मिनी संसद’ की तरह काम करती हैं। उन्होंने कहा कि संसदीय समितियों के माध्यम से मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श और ठोस निर्णय लिए जाते हैं, जो नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होते हैं।

India-Sri Lanka Parliamentary Ties Strengthened

इस अवसर पर भारत-श्रीलंका संसदीय मैत्री समूह के गठन और इसके महत्व पर भी जोर दिया गया। ओम बिरला ने कहा कि यह समूह द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा का संचार करेगा और दोनों देशों के संसदीय सहयोग को नई ऊँचाई देगा। प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद में दोनों पक्षों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, ऊर्जा और समुद्री सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी विस्तार पर विशेष ध्यान दिया।

सांसदों ने आपसी सहयोग और साझा विकास की दिशा में सुझाव साझा किए और द्विपक्षीय परियोजनाओं के लिए रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संवाद केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी सहयोग के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

ओम बिरला ने कहा कि यह संवाद और संसदीय मेलजोल दोनों देशों के विकास और रणनीतिक लक्ष्यों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के नियमित संसदीय संवाद से भारत और श्रीलंका के बीच स्थायी साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य, भारत सरकार और श्रीलंका के वरिष्ठ अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिगण और ब्रिक्स समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। दोनों देशों के सांसदों ने भविष्य में इस सहयोग को और विस्तारित करने और साझा परियोजनाओं पर कार्यान्वयन तेज करने पर सहमति जताई।

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