Noida: फर्जी हस्ताक्षर से शिकायत कर हाईकोर्ट को गुमराह करने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

Noida: फर्जी हस्ताक्षर से शिकायत कर हाईकोर्ट को गुमराह करने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
नोएडा के दादरी क्षेत्र में फर्जी हस्ताक्षर के जरिए शिकायत कर प्रशासन और उच्च न्यायालय को गुमराह करने का गंभीर मामला सामने आया है। दादरी तहसील में तैनात एक राजस्व लेखपाल ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उनके खिलाफ साजिश के तहत फर्जी शिकायत तैयार कर अधिकारियों को दी और बाद में उसी दस्तावेज का इस्तेमाल न्यायालय में भी किया। थाने में कार्रवाई न होने पर लेखपाल ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दादरी तहसील में कार्यरत राजस्व लेखपाल चांदवीर का आरोप है कि गांव नूरपुर निवासी राशिद अली, तालिब राणा, नफीस अहमद, हाजी बाबू उर्फ मुर्सलीम और दादरी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता प्रमोद तोंगड़ सहित अन्य लोगों ने मिलकर उनके खिलाफ एक फर्जी शिकायत तैयार कराई। यह शिकायत 14 फरवरी 2023 को जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को सौंपी गई थी, जिसमें शिकायतकर्ता के रूप में वीरपुरा माजरा नूरपुर निवासी राजकुमार का नाम दर्शाया गया था।
लेखपाल चांदवीर के अनुसार जब उन्हें इस शिकायत की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी सत्यता की जांच की। इस दौरान कथित शिकायतकर्ता राजकुमार से बातचीत की गई। राजकुमार ने बताया कि वह अपने हस्ताक्षर हमेशा अंग्रेजी में करता है, जबकि शिकायत पत्र पर हिंदी में किए गए हस्ताक्षर दिखाए गए थे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि शिकायत पत्र पर किए गए हस्ताक्षर उसके नहीं हैं और किसी ने फर्जी या जाली हस्ताक्षर कर शिकायत पत्र तैयार कर उसे जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया है।
लेखपाल का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश शासन को भी दी थी। शासन स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए उप सचिव द्वारा 13 सितंबर 2024 को जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए थे। इसके बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उन्हें न्याय के लिए अदालत की शरण लेनी पड़ी।
चांदवीर का यह भी आरोप है कि इसी कथित फर्जी शिकायत पत्र का इस्तेमाल आरोपियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल एक रिट याचिका में भी किया। उनके अनुसार आरोपियों ने न्यायालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर अदालत को गुमराह करने की कोशिश की और झूठे आधार पर लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे हैं, जो सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें तैयार कराते हैं और उन्हें प्रशासनिक व न्यायिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए उपयोग करते हैं।
मामले को लेकर पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





