Holi fashion 2026: होली पर फैशन और बाजारों में रंगों की बहार, लहरिया दुपट्टे और टाई-डाई टी-शर्ट की बढ़ी मांग

Holi fashion 2026: होली पर फैशन और बाजारों में रंगों की बहार, लहरिया दुपट्टे और टाई-डाई टी-शर्ट की बढ़ी मांग
नोएडा। जैसे-जैसे होली नजदीक आ रही है, शहर के बाजारों में रंग, फैशन और स्वाद का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। सड़कों पर अबीर-गुलाल की खुशबू और दुकानों पर सजी रंग-बिरंगी पिचकारियां यह संकेत दे रही हैं कि रंगों का त्योहार दस्तक दे चुका है। बाजारों में जहां एक ओर नए फैशन ट्रेंड छाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक खानपान की भी जमकर खरीदारी हो रही है।
सेक्टर-18 स्थित एक दुकान के मालिक रिंकू बताते हैं कि इस बार महिलाओं और युवतियों में लहरिया दुपट्टा, टाई-डाई टी-शर्ट, फ्लोरल कॉलर जैकेट और येलो डाई साड़ी का खासा क्रेज है। खासतौर पर टाई-डाई टी-शर्ट की मांग तेजी से बढ़ी है। 150 रुपये में दो टी-शर्ट की आकर्षक स्कीम ग्राहकों को खूब लुभा रही है। युवतियां इन्हें जींस, शॉर्ट्स और स्कर्ट के साथ पेयर कर ट्रेंडी लुक अपना रही हैं।
वहीं सेक्टर-71 में अस्थायी दुकान लगाने वाली एक महिला विक्रेता बताती हैं कि लड़कियों और महिलाओं में सफेद और ऑफ-व्हाइट कुर्तियों की मांग बढ़ गई है। होली पर सफेद परिधान पहनने का चलन पुराना है, क्योंकि रंगों के साथ यह खास आकर्षक लुक देता है। कट स्लीव्स, हाफ स्लीव्स और फुल स्लीव्स डिजाइन की कुर्तियां 500 से 2000 रुपये तक उपलब्ध हैं।
सेक्टर-59 के दुकानदार निहाल के अनुसार बच्चों के लिए भी विशेष कुर्ते और रंगीन परिधान बाजार में आए हैं। बच्चों के कुर्तों की कीमत 150 रुपये से शुरू होकर 1000 रुपये तक जा रही है। माता-पिता अपने बच्चों के लिए आरामदायक और हल्के कपड़ों को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि वे बिना किसी परेशानी के रंगों का आनंद ले सकें।
सिर्फ कपड़ों तक ही सीमित नहीं, होली के स्नैक्स की भी बाजार में धूम है। दुकानदार बॉबी बताते हैं कि जीरा राइस पापड़, चटपटा पापड़, आलू प्लेन चिप्स, साबुत दाना चिप्स और विभिन्न प्रकार के पापड़ की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। घरों में मेहमानों के स्वागत और होली मिलन समारोहों के लिए लोग पहले से ही खरीदारी कर रहे हैं।
भंगेल के दुकानदारों का कहना है कि इस बार लोगों का रुझान स्किन-फ्रेंडली और हर्बल रंगों की ओर अधिक है। पहले जहां पक्के और गहरे रंगों का प्रचलन ज्यादा था, वहीं अब ऑर्गेनिक गुलाल, सूखा अबीर और हल्के गीले रंगों की मांग बढ़ी है। कई ग्राहक एक साथ पांच किलो तक रंग के पैकेट खरीद रहे हैं। पानी के गुब्बारे, पार्टी स्प्रे, रंगीन चश्मे, टोपी और फैंसी लाइट वाली पिचकारियां भी बच्चों और युवाओं को आकर्षित कर रही हैं।
उधर शहर के विभिन्न इलाकों में होलिका दहन की तैयारियां भी जोरों पर हैं। सेक्टर-12, सेक्टर-34, सेक्टर-51, सेक्टर-110, बरौला, गेझा, सुल्तानपुर, गिझोड़, हरौला और हौशियारपुर समेत कई स्थानों पर होलिका के लिए सूखी लकड़ियां और उपले एकत्र किए जाने लगे हैं। होलाष्टक के साथ शुरू हुई यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन के लिए रखी लकड़ियां घर नहीं लानी चाहिए।
कुल मिलाकर, नोएडा में इस बार होली का रंग सिर्फ गुलाल तक सीमित नहीं है, बल्कि फैशन, स्वाद और परंपराओं के संगम से त्योहार की रौनक कई गुना बढ़ गई है।
