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Himachal Pradesh climate Report: हिमाचल प्रदेश क्लाइमेट इनिशिएटिव्स: CM सुक्कू ने साइंटिफिक असेसमेंट लॉन्च किया, मेडिसिनल प्लांट कल्टीवेशन के लिए MOUs

Himachal Pradesh climate Report: हिमाचल प्रदेश क्लाइमेट इनिशिएटिव्स: CM सुक्कू ने साइंटिफिक असेसमेंट लॉन्च किया, मेडिसिनल प्लांट कल्टीवेशन के लिए MOUs

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को ‘साइंटिफिक असेसमेंट ऑफ टैकलिंग नॉन कार्बन-डाईऑक्साइड एमीशनस: पाथवेज फॉर हिमाचल प्रदेश’ शीर्षक से रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में राज्य में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, ग्लेशियर सिकुड़ने और अप्रत्याशित बादल फटने जैसी घटनाओं के बढ़ते खतरे को दर्शाया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MOA) पर हस्ताक्षर किए। पहले समझौते के तहत डाबर इंडिया लिमिटेड हिमाचल प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराएगा। इसमें निम्न और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों के लिए आंवला, हरड़, बहेड़ा, काकड़ासिंगी और लोधर जैसी प्रजातियां शामिल होंगी, जबकि मध्य से उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में जटामांसी, कुटकी, सुगंधबाला, पदम काष्ठ और पुष्करमूल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। अल्पाइन प्रजातियां जैसे अतीस और विष ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को उपलब्ध कराई जाएंगी।

दूसरा MOA मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ पांच वर्षों के लिए किया गया है। इसके तहत हल्दी, अश्वगंधा, शतावरी, तुलसी, चिरायता और हिमालयन जेंटियन जैसी छह प्राथमिक प्रजातियों की खेती, संरक्षण और मूल्य श्रृंखला विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 108 बीघा से अधिक भूमि पर 225 महिला किसानों को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का पहला हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्ष 200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है और युवाओं को सौर परियोजनाओं के लिए सब्सिडी प्रदान की जा रही है। नालागढ़ में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से एक मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र भी स्थापित किया जा रहा है।

साथ ही, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए अप्रैल तक एचआरटीसी के बेड़े में लगभग 300 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी और सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। 38,000 टैक्सियों को ई-टैक्सी में परिवर्तित करने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि अप्रत्याशित बादल फटना, अचानक बाढ़, भूस्खलन और सिकुड़ते ग्लेशियर राज्य में बढ़ते खतरे का संकेत हैं। वर्ष 2023 में आए प्राकृतिक आपदा में 23,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि हिमालय की आत्मा है और ग्लेशियर, नदियां, वन और पर्वत पर लाखों लोगों का जीवन निर्भर है।

मुख्यमंत्री ने भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड से लंबित बकाया निपटारे के लिए ठोस आश्वासन मिलने तक किशाऊ और रेणुका बांध जैसी परियोजनाओं में कोई आगे की कार्रवाई नहीं करने की बात कही।

इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार और हरीश जनारथा, सचिव (पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन) एस.के. सिंगला, यूएनईपी क्लाइमेट एंड क्लीन एयर कोएलिशन की प्रमुख डॉ. डर्वुड जैल्के, मार्टिना ओटो, डायरेक्टर इंडिया प्रोग्राम आईजीएसडी ज़ेरिन ओशो, निदेशक डीसी राणा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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