Noida women hostel project: नोएडा में बेटियों के लिए सुरक्षित आवास, बनेंगे 2000 कमरों के चार महिला छात्रावास

Noida women hostel project: नोएडा में बेटियों के लिए सुरक्षित आवास, बनेंगे 2000 कमरों के चार महिला छात्रावास
नोएडा, 13 फरवरी: Noida और Greater Noida में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित व किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महिला कल्याण विभाग की पहल पर जिले में चार अत्याधुनिक महिला छात्रावासों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। प्रत्येक छात्रावास में लगभग 500 कमरे बनाए जाएंगे, यानी कुल 2,000 कमरों की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सभी भवन एक वर्ष के भीतर तैयार कर लिए जाएंगे।
इन छात्रावासों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, ताकि मजबूत आधारभूत संरचना के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। एक छात्रावास सेक्टर-85 के पास बनाया जा रहा है। दो छात्रावास ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर गोल चक्कर क्षेत्र में तैयार होंगे, जहां बड़ी संख्या में कॉलेज और शिक्षण संस्थान हैं और बाहर से आने वाली छात्राएं पीजी में रहने को मजबूर होती हैं। चौथा छात्रावास कासना क्षेत्र में बनेगा, जहां विभिन्न राज्यों और जिलों से कामकाजी महिलाएं रोजगार के लिए आती हैं।
इन छात्रावासों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। परिसर में पुलिस बूथ, सीसीटीवी निगरानी, 24 घंटे सुरक्षा गार्ड और बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही जिम, कैंटीन, स्वच्छ भोजन, अध्ययन कक्ष और शांत वातावरण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे छात्राएं अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।
गौरतलब है कि सेक्टर-62 में पहले से संचालित महिला छात्रावास मॉडल को और उन्नत रूप में लागू किया जा रहा है। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में भी प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास निर्माण का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल सके।
डेवलपमेंट प्रोविजनरी ऑफिसर Manoj Kumar ने बताया कि छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार महंगे किराए और असुरक्षित माहौल के कारण महिलाएं परेशान होती हैं, ऐसे में ये छात्रावास उनके लिए बड़ी राहत साबित होंगे।
इन परियोजनाओं से न केवल सुरक्षित आवास उपलब्ध होगा, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और शिक्षा व रोजगार पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर भी मिलेगा।





