US Tariff Cut Deal: भारत की वैश्विक आर्थिक ताकत के आगे झुका अमेरिका, 18 प्रतिशत टैरिफ में कटौती

US Tariff Cut Deal: भारत की वैश्विक आर्थिक ताकत के आगे झुका अमेरिका, 18 प्रतिशत टैरिफ में कटौती
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली में भारत–अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत टैरिफ घटाने के फैसले का देश के व्यापार जगत ने जोरदार स्वागत किया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल यानी फेम ने इस निर्णय को भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक ताकत और मजबूत कूटनीतिक प्रभाव का परिणाम बताया है। व्यापार संगठनों का मानना है कि यह फैसला भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती स्थिति को दर्शाता है और आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
फेम के राष्ट्रीय महामंत्री आर. के. गौर ने कहा कि यह टैरिफ कटौती भारत की एक बड़ी उपलब्धि है और यह साफ संकेत देती है कि वैश्विक व्यापार मंच पर भारत अब मजबूती और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज एक मजबूत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है। इस फैसले से यह भी स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
आर. के. गौर के अनुसार टैरिफ में कमी से व्यापार की लागत घटेगी, जिससे निर्यात और आयात को बढ़ावा मिलेगा। इससे विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और उद्योगों, एमएसएमई सेक्टर तथा व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर पेपर, रीसाइक्लिंग, वस्त्र, स्टील और कच्चे माल से जुड़े क्षेत्रों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
फेम के दिल्ली प्रदेश महामंत्री राजीव शर्मा ने भी अमेरिका के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे भारत में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार सृजन पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और मजबूत कूटनीतिक संबंधों का नतीजा है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते इस फैसले के बाद और अधिक मजबूत होंगे।
राजीव शर्मा ने बताया कि टैरिफ कटौती से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी और भारत एक भरोसेमंद एवं सम्मानित वैश्विक व्यापारिक साझेदार के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि इससे भारत–अमेरिका व्यापार में नई संभावनाएं खुलेंगी, निवेश का माहौल बेहतर होगा और अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
फेम और व्यापारी समुदाय ने इस अहम फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त किया है। व्यापार संगठनों का कहना है कि यह निर्णय ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूती देगा और देश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।




