Noida Engineer Death: नोएडा में इंजीनियर की मौत पर सोशल मीडिया में उबाल, पुलिस-प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

Noida Engineer Death: नोएडा में इंजीनियर की मौत पर सोशल मीडिया में उबाल, पुलिस-प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। माल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में कार गिरने से डूबकर हुई इस मौत को लेकर शहरवासियों ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इंटरनेट मीडिया पर लगातार पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियों के जरिए लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और इसे सिस्टम की बड़ी नाकामी बता रहे हैं।
शहर के लोगों का आरोप है कि अगर जिम्मेदार विभाग समय रहते सक्रिय होते तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यूजर्स यह कहते नजर आ रहे हैं कि मौके पर पुलिस, प्रशासन, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की मौजूदगी के बावजूद युवराज को बचाया नहीं जा सका। लोगों का कहना है कि रेस्क्यू के नाम पर घंटों तक केवल औपचारिकताएं होती रहीं, जबकि युवराज अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करता रहा।
इंटरनेट मीडिया पर इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि युवराज को न्याय दिलाने के बजाय उसकी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि पुलिस और प्रशासन की ओर से युवराज के पार्टी से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो जानबूझकर प्रसारित कराए गए, ताकि घटना की जिम्मेदारी पीड़ित पर डाली जा सके। लोगों का कहना है कि यह साफ तौर पर चरित्र हनन की कोशिश है।
गौरतलब है कि 16 और 17 जनवरी की मध्यरात्रि गुरुग्राम से नोएडा लौटते समय युवराज मेहता की कार सेक्टर 150 में उस गड्ढे में गिर गई, जो एक मॉल के बेसमेंट के निर्माण के लिए खोदा गया था। हादसे के बाद युवराज करीब दो से ढाई घंटे तक कार की छत पर खड़े होकर मोबाइल की लाइट जलाकर मदद की गुहार लगाता रहा। यह पूरा दृश्य उसके पिता की आंखों के सामने घटित होता रहा, जो मौके पर मौजूद थे और बेटे को बचाने की अपील कर रहे थे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ के कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन प्रभावी रेस्क्यू नहीं हो पाया। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर पुलिस-प्रशासन पर तीखे तंज कसे जा रहे हैं। एक्स प्लेटफॉर्म पर एक यूजर ने लिखा कि अब मीडिया में यह कहानी चलाई जाएगी कि युवक तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा था। वहीं एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि जो लोग 10 की रफ्तार से भी उसे नहीं बचा पाए, वे अब ओवरस्पीड का बहाना बना रहे हैं।
कुछ यूजर्स ने यहां तक लिखा कि चाहे युवक पार्टी कर रहा हो या तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा हो, उसकी मौत की यह वजह नहीं हो सकती। लोगों का कहना है कि युवराज मदद की भीख मांगता रहा और ठंडे पानी में उतरकर उसे बचाने से सभी कतराते रहे। सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि जब भी शासन-प्रशासन की लापरवाही सामने आती है, तब पीड़ित के चरित्र पर सवाल उठाकर सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है।
इस पूरे मामले ने नोएडा में प्रशासनिक जिम्मेदारी, निर्माण स्थलों की सुरक्षा और आपातकालीन रेस्क्यू व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लगातार उठ रही आवाजें इस बात की मांग कर रही हैं कि युवराज मेहता को न्याय मिले और इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और विभागों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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