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Illegal Construction Noida: प्राधिकरण की जमीन पर अवैध निर्माण, 15 बिल्डर कंपनियों समेत 22 लोगों पर केस दर्ज

Illegal Construction Noida: प्राधिकरण की जमीन पर अवैध निर्माण, 15 बिल्डर कंपनियों समेत 22 लोगों पर केस दर्ज

नोएडा। भंगेल गांव में प्राधिकरण की भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई करते हुए 15 बिल्डर कंपनियों और उनसे जुड़े 22 लोगों के खिलाफ सेक्टर-39 थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई वर्क सर्किल-7 के अवर अभियंता की शिकायत के आधार पर की गई है। आरोप है कि संबंधित बिल्डरों ने बिना नक्शा पास कराए प्राधिकरण की जमीन पर अवैध रूप से बहुमंजिला इमारतों और बेसमेंट का निर्माण कराया है।

शिकायतकर्ता अवर अभियंता एसके वर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि मलिक इंफ्रा होम्स के जावेद मलिक, धर्मा प्रतिष्ठानम के विनीत श्रीवास्तव, एबी होम्स की रिया गांधी और हरदीप सिंह गांधी, राजपाल सिंह, विनोद कुमार, विकास चौधरी और सिद्धार्थ कुमार द्वारा अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा स्काई होम के विनोद कुमार, हाजी एंड एसोसिएट्स के शराफत उल्लाह, ड्रीम स्मिथ प्रोजेक्ट के अनिल कुमार, एकता बिल्डर्स के निखिल कुमार, स्टार इंफ्रा के योगेंद्र सिंह, राहुल मित्तल, विकास और नेचुरा कंस्ट्रक्शन से जुड़े सोनू प्रसाद पर भी बिना अनुमति निर्माण कराने का आरोप है।

मामले में जयमाया आशियाना के संजीव कुमार, सुपर होम्स के दुष्यंत कुमार, विकास गोयल, कर्मवीर सिंह और नितिन कसाना, ड्रीम स्मिथ प्रोजेक्ट के अनिल कुमार, वीएस कॉन्ट्रैक्टर से विकास चौधरी, स्प्रिचुअल रिजनरेशन फाउंडेशन के विनीत कुमार श्रीवास्तव, विक्रम गोयल, एचक्यूसी इंफ्राटेक के पार्टनर जावेद मलिक और एमसी इंफ्राटेक के पार्टनर उमेर उर रहमान के नाम भी शामिल हैं। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि इन सभी द्वारा प्राधिकरण की भूमि पर अवैध तरीके से बहुमंजिला भवन और बेसमेंट का निर्माण कराया जा रहा है।

प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह के अवैध निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहर की नियोजित विकास प्रक्रिया भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अवैध इमारतों के कारण बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और भविष्य में गंभीर सुरक्षा खतरे भी उत्पन्न हो सकते हैं। प्राधिकरण ने साफ किया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ निर्माण ध्वस्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

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