Noida cyber crime: नोएडा में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरफ्तार, 1XBET ऑनलाइन बेटिंग के अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़

Noida cyber crime: नोएडा में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरफ्तार, 1XBET ऑनलाइन बेटिंग के अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़
नोएडा। नोएडा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो प्रतिबंधित 1XBET ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए लोगों से ठगी कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नेपाल निवासी अनूप श्रेष्ठ के रूप में हुई है, जो नोएडा के सेक्टर-1 स्थित MIR PEGASIS CONNECT PVT LTD कंपनी के नाम पर अवैध कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। यह कॉल सेंटर ग्राहकों को ऑनलाइन बेटिंग के लिए प्रेरित कर उनसे पैसे लगवाने और टेक सपोर्ट के नाम पर धोखाधड़ी करने का काम कर रहा था।
यह कार्रवाई केन्द्रीय गृह मंत्रालय भारत सरकार से प्राप्त गोपनीय इनपुट के आधार पर रविवार को थाना फेस-1 नोएडा पुलिस द्वारा की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कंपनी के द्वितीय तल पर बैठकर 1XBET ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़ी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से एक सर्वर, चार कंप्यूटर सीपीयू, तीन राउटर, दस पीएनटी फोन, अंग्रेजी और रूसी भाषा का की-बोर्ड तथा एक सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस अब आरोपी और कंपनी से जुड़े मालिकों द्वारा इस्तेमाल किए गए उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनके जरिए अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की गई है।
एडीसीपी शेव्या गोयल ने बताया कि 1XBET ऑनलाइन बेटिंग से जुड़ा एक मामला जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर साइबर थाने में दर्ज हुआ था, जिसकी जानकारी i4C के माध्यम से नोएडा पुलिस को प्राप्त हुई। i4C की तकनीकी और कानूनी सहायता से इस अवैध कॉल सेंटर को ट्रेस किया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भारत में प्रतिबंधित ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए भारतीय नागरिकों को जुआ खेलने के लिए उकसाता था और ग्राहकों के पैसे जमा और निकासी के नाम पर ठगी करता था।
पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम कंपनी की वेबसाइट पर दिखाए गए MULE ACCOUNT में जमा कराई जाती थी और बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। इससे न केवल आम लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि भारत सरकार के राजस्व को भी भारी क्षति पहुंच रही थी। बरामद सर्वर सीपीयू में ठगी से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा मौजूद है, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि 1XBET एक सत्यापित ऐप नहीं है, बल्कि एक थर्ड पार्टी ऐप है, जिसे एपीके फाइल के जरिए ब्राउज़र से डाउनलोड कर इस्तेमाल किया जाता है। भारत के कई राज्यों में इस ऐप से जुड़े कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। MIR PEGASIS CONNECT PVT LTD ने PT FABLE TECHNOLOGY NUSANTARA के साथ एग्रीमेंट की आड़ में 1XBET को टेक सपोर्ट देने के नाम पर भारत में प्रतिबंधित ऑनलाइन बेटिंग ऐप की गतिविधियों को प्रमोट और संचालित किया।
आरोपी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि अनूप श्रेष्ठ मई 2022 के अंतिम सप्ताह में नेपाल से दिल्ली आया था और इसके बाद दिल्ली से मास्को, रूस चला गया। वहां उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म HSRU पर नौकरी की तलाश की, जिसके बाद उसे कॉल सेंटर ऑपरेटर की नौकरी का ऑफर मिला और वह 1XBET ऑनलाइन बेटिंग कंपनी के ऑफिस पहुंचा। नवंबर 2022 से वह करीब ढाई साल तक मास्को में स्थित 1XBET कंपनी में काम करता रहा।
इसके बाद 1XBET कंपनी की एक रूसी अधिकारी लीजा ने आरोपी को दिल्ली भेजा। जून 2025 में वह मास्को से भारत आया और कंपनी द्वारा पहले से उपलब्ध कराई गई REDDY APP की आईडी के जरिए उससे संपर्क किया गया। आरोपी को खुद को दिल्ली स्थित 1XBET कंपनी का डायरेक्टर बताने वाले लोगों ने निर्देश दिए और वह भारत में अवैध कॉल सेंटर के संचालन में सक्रिय रूप से शामिल हो गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सहयोगियों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पूरे रैकेट की जांच में जुटी है।
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