Greater Noida: रैंडम जांच अभियान समाप्त, ग्रेटर नोएडा में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की मुहिम रहेगी जारी

Greater Noida: रैंडम जांच अभियान समाप्त, ग्रेटर नोएडा में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की मुहिम रहेगी जारी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा एहतियातन शुरू किया गया पानी की गुणवत्ता जांचने का चार दिवसीय रैंडम जांच अभियान सोमवार को संपन्न हो गया। अभियान के अंतिम दिन भी प्राधिकरण की 8 टीमों ने 23 से अधिक सेक्टरों और गांवों में 120 से ज्यादा स्थानों पर पेयजल की जांच की। इस दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुमित यादव ने स्वयं गंगा वाटर रिजर्वायर और मास्टर रिजर्वायर का निरीक्षण कर जल गुणवत्ता की समीक्षा की।
चौथे दिन जांच टीमों ने सादोपुर, वैदपुरा, सैनी, सुनपुरा, पाली, मिलक लच्छी, सेक्टर गामा-1 और 2, डेल्टा-1, अल्फा-1 और 2, ओमीक्रॉन-1, 2 और 3 सहित ग्रेनो वेस्ट की कई सोसाइटियों में पानी की रैंडम जांच की। टीमों ने मौके पर ही टीडीएस मीटर, पीएच मीटर और क्लोरीन किट की मदद से पानी की जांच की। जांच में अधिकांश स्थानों पर पानी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। इसके अलावा श्रीराम लैब की टीमें भी इन इलाकों से पानी के सैंपल लेकर लैब जांच करेंगी और उसकी रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपी जाएगी।
जांच के दौरान टीमों ने स्थानीय निवासियों से भी फीडबैक लिया। लोगों ने पानी की गुणवत्ता को लेकर चलाए गए इस विशेष अभियान के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल की सराहना की। प्राधिकरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि भले ही चार दिवसीय रैंडम जांच अभियान समाप्त हो गया हो, लेकिन स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और जांच की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी। कहीं भी दूषित पानी की शिकायत मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रैंडम जांच के अलावा एसीईओ सुमित यादव ने सोमवार को पल्ला स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और जैतपुर स्थित मास्टर रिजर्वायर का औचक निरीक्षण किया। यहां गंगाजल की गुणवत्ता की भी जांच कराई गई, जो मानकों के अनुरूप पाई गई। उन्होंने जल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगाजल की नियमित और सतत जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न न हो।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में कुछ सेक्टरों और गांवों से दूषित पानी की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर यह विशेष रैंडम जांच अभियान चलाया गया। महाप्रबंधक एके सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने जलापूर्ति लाइनों में संभावित लीकेज, सीवर चोकिंग, ओवरफ्लो और ड्रेन-सीवर-पानी कनेक्शन प्वाइंट्स की गहन जांच की, ताकि दूषित पानी की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी भी क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति की जानकारी मिले तो तुरंत जल विभाग को सूचित करें। संपर्क के लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल का मोबाइल नंबर 9205691408 और प्रबंधक जल का मोबाइल नंबर 8937024017 जारी किया गया है। सूचना मिलते ही प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंचकर समस्या का शीघ्र समाधान करेगी।
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