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GST News: निर्माण सामग्री पर गलत आईटीसी क्लेम करने वाली दो फर्मों पर 1.25 करोड़ रुपये का जुर्माना, जांच जारी

GST News: निर्माण सामग्री पर गलत आईटीसी क्लेम करने वाली दो फर्मों पर 1.25 करोड़ रुपये का जुर्माना, जांच जारी

नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग ने गौतमबुद्ध नगर में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के कथित दुरुपयोग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फर्मों पर कुल 1.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग के अनुसार दोनों फर्मों ने निर्माण सामग्री पर नियमों के विपरीत बोगस फर्मों के माध्यम से आईटीसी का लाभ लिया। इसके अलावा इन पर बिल्डिंग से प्राप्त किराये की आय पर जीएसटी जमा नहीं करने का भी आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों फर्मों ने जुर्माने की राशि जमा कर दी है, जबकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

राज्य कर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई गौतमबुद्ध नगर जोन के संभाग-बी द्वारा की गई। संयुक्त आयुक्त संजय कुशवाहा के नेतृत्व में उपायुक्त रमेश कुमार सिंह की टीम ने दोनों फर्मों के वित्तीय दस्तावेजों और कर संबंधी रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर विभाग ने दोनों फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की।

अधिकारियों के अनुसार जांच में पाया गया कि दोनों फर्मों ने ऐसी कंपनियों के नाम पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया, जो वास्तविक रूप से कोई कारोबार नहीं कर रही थीं। ये कथित फर्में केवल कागजी लेनदेन और बिल जारी करने तक सीमित थीं। विभाग के अनुसार इन फर्मों का पंजीकरण पहले ही दिल्ली में रद्द किया जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इनके माध्यम से किए गए लेनदेन संदिग्ध थे।

विभाग का कहना है कि निर्माण सामग्री पर इस प्रकार का आईटीसी क्लेम संबंधित नियमों के अनुरूप नहीं था, इसके बावजूद दोनों फर्मों ने इसका लाभ लेने का प्रयास किया। इसके अतिरिक्त जांच में यह भी सामने आया कि बिल्डिंग को किराये पर देकर प्राप्त आय पर देय जीएसटी का भी सही तरीके से भुगतान नहीं किया गया। इन अनियमितताओं के आधार पर दोनों फर्मों पर कुल 1.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।

राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक कार्रवाई के तहत जुर्माने की राशि जमा करा दी गई है, लेकिन मामले की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। विभाग वित्तीय लेनदेन, बिलिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है। यदि जांच के दौरान अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित फर्मों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

कर विभाग ने व्यापारियों और कारोबारी संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे केवल वैध और वास्तविक लेनदेन के आधार पर ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करें। बोगस फर्मों के माध्यम से कर लाभ लेने या कर चोरी करने के प्रयासों पर विभाग लगातार निगरानी रख रहा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कर व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और राजस्व की सुरक्षा के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 

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