
New Delhi : जयपुर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान पुलिस के नवनियुक्त सिपाहियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अमित शाह ने कहा कि यह दिन राजस्थान पुलिस और राज्य की कानून व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि 8 हजार से अधिक युवा आज पुलिस बल का हिस्सा बने हैं। उन्होंने कहा कि ये युवा पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा और सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को अपने जीवन का उद्देश्य बनाएंगे। वर्दी मिलने से न केवल जवानों का भविष्य सुरक्षित हुआ है बल्कि उनके परिवारों में भी नई उम्मीद जगी है।
गृह मंत्री ने कहा कि पूर्व में चल रहे पेपर लीक जैसे मामलों को समाप्त कर राज्य सरकार ने पारदर्शी, तकनीक आधारित और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया है। 2025 से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत आज नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये सभी जवान 1949 में गठित राजस्थान पुलिस का हिस्सा बनेंगे, जो गर्व का विषय है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मल्टीपर्पज इंडोर हॉल का वर्चुअल उद्घाटन किया गया और चूरू जिले के रत्ननगर पुलिस स्टेशन को राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ थाने के रूप में सम्मानित किया गया। नियुक्ति पाने वाले 8 हजार से अधिक कांस्टेबलों में 2500 से ज्यादा महिला कांस्टेबल शामिल हैं। अमित शाह ने कहा कि बिना किसी खर्च और सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर युवाओं को नौकरी दी गई है, जो पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था का उदाहरण है।
अमित शाह ने कहा कि राजस्थान पुलिस देश के अग्रणी और सक्षम पुलिस बलों में शामिल है। उन्होंने राज्य की भौगोलिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा, बीहड़, मरुस्थल और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नए जवानों से प्रशिक्षण के दौरान पूरी निष्ठा और एकाग्रता से सीखने का आह्वान किया ताकि सुरक्षित राजस्थान का सपना साकार हो सके।
गृह मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्य में कुल अपराधों में लगभग 14 प्रतिशत और गंभीर अपराधों में 19 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या, हत्या के प्रयास, महिलाओं के खिलाफ अपराध, अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ अत्याचार, डकैती और लूट जैसे मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव संकल्पित और सुशासन देने वाली सरकार के कारण संभव हुआ है।
उन्होंने बताया कि राज्य में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन, पुलिस आधुनिकीकरण, अभय कमांड सेंटर का एकीकरण, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स जैसे कई नए कदम उठाए गए हैं। साइबर अपराध से निपटने के लिए साइबर हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।
अमित शाह ने कहा कि नवनियुक्त पुलिसकर्मी ऐसे समय में सेवा में आ रहे हैं जब देश में भारतीय न्याय संहिता लागू की गई है। यह पहला बैच होगा जो नए आपराधिक कानूनों के तहत कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि ये कानून नागरिकों के शरीर, संपत्ति और सम्मान की रक्षा के लिए बनाए गए हैं और आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी स्तंभों को तकनीक से जोड़ा गया है।
अपने संबोधन के अंत में गृह मंत्री ने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था से ही विकास संभव है। राजस्थान में अपराधों में कमी, दोषसिद्धि दर में बढ़ोतरी और निवेशकों का बढ़ता भरोसा राज्य के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।





