
70th Ati Vishisht Rail Seva Puraskar 2025: औपनिवेशिक मानसिकता से रेलवे को पूरी तरह मुक्त करना प्राथमिकता: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारतीय रेलवे को पूरी तरह औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह बात आज नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित भव्य समारोह के दौरान कही, जहां 101 रेलवे अधिकारियों को 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया और विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 रेलवे जोनों को शील्ड प्रदान की गई। इस अवसर पर रेल मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में रेलवे की अहम भूमिका पर जोर देते हुए रेलकर्मियों को छह महत्वपूर्ण संकल्प भी दिलाए।
अश्विनी वैष्णव ने रेलकर्मियों से रेलवे में नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया और कहा कि हर रेलकर्मी को नई सोच और तकनीक अपनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि वर्ष के 52 सप्ताहों में 52 संस्थागत सुधारों को लागू करने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ट्रैक मेंटेनेंस में नई तकनीक और आधुनिक सोच को अपनाने, सुरक्षा को एक नए उच्च स्तर पर ले जाने और यात्रियों को शत-प्रतिशत सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
रेल मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग को समय के अनुरूप बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते परिदृश्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए नए प्रशिक्षण मानदंड अपनाना बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय रेलवे से औपनिवेशिक मानसिकता को पूरी तरह समाप्त करना समय की मांग है और इसके लिए सोच और कार्यशैली दोनों में बदलाव लाना होगा।

इस समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ सतीश कुमार, रेलवे बोर्ड के सदस्य, विभिन्न रेलवे जोनों और उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक भी मौजूद रहे। इस दौरान भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया। पुरस्कार वितरण के बाद रेल मंत्री ने सभी पुरस्कार विजेताओं को उनके असाधारण कार्य और योगदान के लिए बधाई दी और पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में हुए बड़े बदलावों और प्रगति को रेखांकित किया।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ सतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय रेलवे यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव के साथ किफायती और सुरक्षित रेल सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गति, आराम और सुरक्षा के सिद्धांतों में उत्कृष्टता रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक को लगातार शामिल किया जा रहा है। उन्होंने सभी सम्मानित अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी।
भारतीय रेलवे हर वर्ष अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान करता है। ये पुरस्कार व्यक्तिगत योगदान और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जोनों को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिए जाते हैं। यह सम्मान न केवल रेलकर्मियों की कड़ी मेहनत और समर्पण को मान्यता देता है, बल्कि भारतीय रेलवे को अधिक सुरक्षित, कुशल और यात्री-अनुकूल संगठन बनाने की दिशा में उनके योगदान को भी उजागर करता है।





