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Noida: नोएडा विधानसभा में जीत के मार्जिन से अधिक कटे वोट, SIR को लेकर सियासी घमासान तेज

Noida: नोएडा विधानसभा में जीत के मार्जिन से अधिक कटे वोट, SIR को लेकर सियासी घमासान तेज

नोएडा विधानसभा क्षेत्र में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही राजनीति गरमा गई है। वोट कटौती के आंकड़ों ने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को आमने-सामने ला खड़ा किया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में नोएडा से भाजपा प्रत्याशी पंकज सिंह ने 1,81,513 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी, लेकिन अब सामने आए आंकड़ों के अनुसार इसी विधानसभा क्षेत्र में 2,09,050 वोट कट चुके हैं, जो जीत के मार्जिन से भी अधिक हैं। यह संख्या गौतमबुद्ध नगर की अन्य दो विधानसभा सीटों दादरी और जेवर से भी ज्यादा है, जिससे नोएडा की राजनीतिक तस्वीर को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
गौतमबुद्ध नगर जिले की बात करें तो दादरी विधानसभा में 1,64,157 और जेवर विधानसभा में 74,264 वोट कटे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के डॉ. महेश शर्मा ने यहां से करीब 5.62 लाख वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी, लेकिन अब जिले में कुल 4.17 लाख वोट कटने के बाद राजनीतिक दल यह आकलन करने में जुट गए हैं कि इसका आगामी चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा।
विपक्ष का कहना है कि नोएडा में भाजपा का कोर वोट बैंक शहरी इलाकों और सोसाइटियों में रहने वाले मतदाता हैं, जिनमें बड़ी संख्या में किराएदार शामिल हैं। एसआईआर के दौरान सबसे अधिक वोट इन्हीं क्षेत्रों में कटे हैं, जबकि ग्रामीण और मुस्लिम बहुल इलाकों में अपेक्षाकृत कम वोट कटे हैं। समाजवादी पार्टी के नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता का दावा है कि एसआईआर से भाजपा को सीधा नुकसान हुआ है। उनके अनुसार भाजपा को सामान्य वर्ग का वोट अधिक मिलता है और यही वर्ग किराएदारों के रूप में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जबकि पीडीए का कोर वोट ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी सुरक्षित है।
वहीं भाजपा इस पूरे मुद्दे पर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है। नोएडा महानगर भाजपा अध्यक्ष महेश चौहान का कहना है कि नोएडा में किराएदार मतदाताओं की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम है और यह वर्ग वोट प्रतिशत को प्रभावित करता है। उनका दावा है कि जितने वोट कटे हैं, उससे कहीं अधिक नए मतदाता जुड़ेंगे और आने वाले चुनाव में भाजपा का जीत का मार्जिन और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम एसआईआर के बाद कटे हैं और जिन्होंने फार्म भरे थे, उन सभी मामलों पर संगठन स्तर पर काम किया जा रहा है।
एसआईआर प्रक्रिया के बाद गौतमबुद्ध नगर जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 14,18,202 हो गई है। नोएडा विधानसभा में 5,62,032 मतदाता हैं, जिनमें 3,12,007 पुरुष, 2,50,016 महिलाएं और 9 थर्ड जेंडर शामिल हैं। दादरी विधानसभा में कुल 5,62,671 मतदाता हैं, जिनमें 3,07,174 पुरुष, 2,55,457 महिलाएं और 40 थर्ड जेंडर हैं। वहीं जेवर विधानसभा में 2,93,499 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1,60,640 पुरुष, 1,32,854 महिलाएं और 5 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
इन आंकड़ों के सामने आने के बाद नोएडा और पूरे गौतमबुद्ध नगर में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहां विपक्ष इसे भाजपा के लिए नुकसानदेह बता रहा है, वहीं भाजपा इसे संगठन और नए मतदाताओं के सहारे अवसर में बदलने का दावा कर रही है। आने वाले चुनावों में एसआईआर का वास्तविक असर क्या होगा, यह राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

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