Axle Gang Encounter: एक्सल गैंग का अंत, नोएडा एसटीएफ की कार्रवाई से टूटा खौफ का साम्राज्य

Axle Gang Encounter: एक्सल गैंग का अंत, नोएडा एसटीएफ की कार्रवाई से टूटा खौफ का साम्राज्य
नोएडा। बुलंदशहर की अदालत द्वारा वर्ष 2016 में हुए मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद एक बार फिर कुख्यात एक्सल गैंग चर्चा में आ गया है। यह वही गिरोह है जिसने हाईवे पर लूट, हत्या और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी जघन्य वारदातों से पूरे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत फैला रखी थी। इस गैंग का खात्मा नोएडा एसटीएफ ने चरणबद्ध तरीके से किया और इसके चार बड़े बदमाश अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए।
एक्सल गैंग वर्ष 2010 के बाद सक्रिय हुआ और 2014-15 तक आते-आते इसने यूपी, हरियाणा, राजस्थान और एनसीआर के हाईवे को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। 2016 से 2018 के बीच गिरोह ने एक के बाद एक कई जघन्य वारदातों को अंजाम दिया। इनमें हाईवे पर लूट, यात्रियों की हत्या और महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाएं शामिल थीं। इसी कड़ी में वर्ष 2016 में बुलंदशहर में नोएडा से गुजर रहे एक परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
एसटीएफ एसपी राजकुमार मिश्र के अनुसार इस गिरोह के चार बड़े बदमाश अजय उर्फ कालिया, बबलू गंजा, अनिल जूथरा और साहब सिंह को नोएडा सहित अलग-अलग जनपदों में मुठभेड़ों के दौरान ढेर किया गया। अजय कालिया और बबलू गंजा बुलंदशहर गैंगरेप कांड में सीधे तौर पर शामिल थे। जुलाई 2021 में नोएडा के सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने सेक्टर-14 के पास बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया था। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जवाबी कार्रवाई में अजय उर्फ कालिया को गोली लगी और उसकी मौके पर मौत हो गई, जबकि उसका साथी भाग निकला।
एसटीएफ के मुताबिक एक्सल गैंग की वारदात का तरीका बेहद खौफनाक था। गिरोह के सदस्य शाम के समय हाईवे किनारे झाड़ियों में छिप जाते थे और शराब व नशीले पदार्थों का सेवन करते थे। अंधेरा होने के बाद वे सड़क पर एक्सल, कील या नुकीली वस्तुएं फेंककर वाहनों को रोकते और फिर चारों तरफ से घेर लेते थे। इसके बाद यात्रियों को झाड़ियों में ले जाकर लूटपाट, मारपीट और महिलाओं के साथ दुष्कर्म करते थे। विरोध करने पर हत्या करने से भी नहीं हिचकिचाते थे। इस गैंग ने कई निर्दोष लोगों की जान ली थी।
बुलंदशहर हाईवे पर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूट की घटना के बाद एक्सल गैंग एसटीएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गया था। कुख्यात अजय कालिया इस गिरोह का सबसे बड़ा चेहरा था, जिसकी तलाश सीबीआई भी कर रही थी। धीरे-धीरे यूपी एसटीएफ ने इस घूमंतू गिरोह की कमर तोड़ दी और एक-एक कर इसके बड़े बदमाशों को मुठभेड़ों में मार गिराया।
जानकारी के अनुसार अजय कालिया को 7 जुलाई 2021 को नोएडा में, बबलू गंजा को 2 जुलाई 2020 को अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र में, अनिल जूथरा को 26 अक्टूबर 2020 को मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र में और साहब सिंह को 20 फरवरी 2023 को बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र में एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर किया था। इस गिरोह में 15 से अधिक बड़े बदमाश शामिल थे और हर वारदात में छह से आठ आरोपी सक्रिय रहते थे।
अब इस मामले में बुलंदशहर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नेशनल हाईवे-91 पर नौ साल पहले हुए सामूहिक दुष्कर्म और लूटकांड के पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश ओपी वर्मा की अदालत 22 दिसंबर को सभी दोषियों को सजा सुनाएगी। मामले में सीबीआई ने छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें से एक की जेल में बीमारी के चलते मौत हो चुकी है, जबकि दो आरोपी पहले ही अलग-अलग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। अदालत के इस फैसले के बाद एक बार फिर एक्सल गैंग के खौफनाक इतिहास की याद ताजा हो गई है।





