Noida: स्मार्ट टॉयलेट देख रह जाएंगे हैरान, नोएडा में बना शहर का पहला मॉडर्न सार्वजनिक शौचालय

Noida: स्मार्ट टॉयलेट देख रह जाएंगे हैरान, नोएडा में बना शहर का पहला मॉडर्न सार्वजनिक शौचालय
नोएडा। अब सार्वजनिक शौचालयों की तस्वीर बदलने लगी है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर-94 स्थित महामाया फ्लाइओवर के पास शहर का पहला अत्याधुनिक मॉडर्न पब्लिक टॉयलेट तैयार किया गया है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जा रहे हैं। बड़े क्षेत्र में बनाए गए इस स्मार्ट टॉयलेट में सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा और निजता का विशेष ध्यान रखा गया है। इसे देश में पब्लिक टॉयलेट मॉडल के तहत एक सस्टेनेबल प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है, जो बिना सरकारी अनुदान के सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
नोएडा प्राधिकरण की खास पहल यह है कि शहर में बनाए गए अधिकतर सार्वजनिक शौचालय केंद्र और राज्य सरकार से किसी तरह की आर्थिक सहायता लिए बिना तैयार किए गए हैं। कई पब्लिक टॉयलेट बीओटी यानी बिल्ड, ऑपरेट और ट्रांसफर मॉडल पर बनवाए गए हैं, जिनमें प्राधिकरण का कोई सीधा खर्च नहीं आया है। इन टॉयलेट्स का निर्माण और रखरखाव निजी एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। बदले में प्राधिकरण ने संबंधित एजेंसियों को सीमित स्तर पर प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति दी है, जिससे संचालन की लागत निकलती रहे। इस मॉडल की वजह से नोएडा में पब्लिक टॉयलेट्स बिना किसी अतिरिक्त बोझ के लगातार संचालित हो रहे हैं।
इस मॉडर्न टॉयलेट में साफ-सफाई के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं। नियमित सफाई, बेहतर वेंटिलेशन, पानी और बिजली की निर्बाध व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इन पब्लिक टॉयलेट्स की निगरानी अधिकारी स्तर तक की जाती है, ताकि किसी तरह की लापरवाही न हो। खासतौर पर उन इलाकों में, जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है, वहां पिंक टॉयलेट बनाए गए हैं, जिससे महिलाओं को सुरक्षित और स्वच्छ सुविधा मिल सके।
शहरवासियों का कहना है कि सेक्टर-94 के पास बना यह मॉडर्न टॉयलेट नोएडा के लिए एक मिसाल है और इसी तर्ज पर शहर के अन्य पुराने पब्लिक टॉयलेट्स को भी आधुनिक रूप दिया जाना चाहिए। नोएडा में इस समय कुल 103 पब्लिक टॉयलेट, 76 कम्युनिटी टॉयलेट, 16 पिंक टॉयलेट और 119 यूरिनल ब्लॉक्स मौजूद हैं। प्राधिकरण का दावा है कि आने वाले समय में इन सभी सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा, ताकि शहर को स्वच्छ और सुविधाजनक बनाए रखने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
यह पहल न केवल स्वच्छता की दिशा में अहम मानी जा रही है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही योजना और निगरानी से बिना सरकारी खर्च के भी सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। नोएडा का यह स्मार्ट टॉयलेट मॉडल अब दूसरे शहरों के लिए भी उदाहरण बनता जा रहा है।
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