राज्यउत्तर प्रदेश

Noida Deer Park Project: 40 करोड़ की लागत से बनेगा मिनी जू, 132 हिरण लाए जाएंगे, 15 दिनों में जारी होगा टेंडर

Noida Deer Park Project: 40 करोड़ की लागत से बनेगा मिनी जू, 132 हिरण लाए जाएंगे, 15 दिनों में जारी होगा टेंडर

नोएडा में जंगल ट्रेल के सफल उद्घाटन के बाद अब शहर में डियर पार्क बनाने की तैयारी तेज हो गई है। प्राधिकरण ने घोषणा की है कि अगले 15 दिनों के भीतर इसके निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा, जिसके बाद कम लागत पर काम करने वाली कंपनी का चयन किया जाएगा। इस परियोजना को अंतिम स्वीकृति नोएडा प्राधिकरण की सीईओ देंगी। बताया जा रहा है कि डियर पार्क का डिजाइन पूरी तरह से तैयार हो चुका है, जिसमें हिरणों के लिए बड़े पैरेमीटर में बनाए जाने वाले बाड़े, वाटर बॉडीज़, मजबूत फेंसिंग, लाइटिंग सिस्टम और व्यापक हरियाली क्षेत्र शामिल हैं।

डियर पार्क का निर्माण करीब 30 एकड़ भूमि पर मिनी जू की तर्ज पर किया जाएगा, जिस पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह नोएडा जिले की पहली सनसेट सफारी सुविधा होगी, जहाँ लोग रात 10 बजे तक स्पेक्ट्रम लाइट्स की रोशनी में हिरणों और जलीय पक्षियों को देख सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इन विशेष रोशनी में जानवरों को ऐसा महसूस होगा जैसे वे अंधेरे में ही हैं, जबकि दर्शकों को सब कुछ स्पष्ट दिखाई देगा।

इस पार्क में कुल 10 प्रजातियों के 132 हिरण लाए जाएंगे। इनमें से तीन प्रजातियां अफ्रीका से एक्सपोर्ट की जाएंगी, जबकि अन्य हिरण कानपुर, हैदराबाद और लखनऊ चिड़ियाघर से लाए जाएंगे। ऐसा भी कहा जा रहा है कि एयरपोर्ट से रेस्क्यू किए गए हिरणों को भी इस पार्क का हिस्सा बनाया जाएगा। साथ ही धनौरी वेटलैंड के पास रेस्क्यू सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ से भी कुछ हिरणों को यहां शिफ्ट किया जाएगा।

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में ऐसा कोई डियर पार्क उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण इको-टूरिज्म केंद्र साबित होगा। इसके अलावा, विदेश से लाई जाने वाली प्रजातियों के लिए पर्यावरण तैयार करने हेतु विशेषज्ञ सलाहकारों से लगातार चर्चा की जा रही है, ताकि उन्हें अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा सके। टेंडर जारी होने और काम आवंटित होने के बाद एक वर्ष के भीतर इस पार्क का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

Related Articles

Back to top button