Himachal Pradesh: ग्रामीण उत्थान और किसान कल्याण पर केंद्रित हैं राज्य सरकार की नीतियां, मुख्यमंत्री सुक्खू ने गिनाईं उपलब्धियां

Himachal Pradesh: ग्रामीण उत्थान और किसान कल्याण पर केंद्रित हैं राज्य सरकार की नीतियां, मुख्यमंत्री सुक्खू ने गिनाईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नीतियां ग्राम उत्थान और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, ऐसे में सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों की आय बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने यह बात हिमकॉन के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष विकेश चौहान द्वारा रामपुर विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ की गई भेंट के दौरान कही।

इस अवसर पर हिमकॉन के अध्यक्ष विकेश चौहान ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि पार्टी हाईकमान की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब रामपुर क्षेत्र के किसी व्यक्ति को इस तरह की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और इस दौरान सरकार ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच केवल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और आर्थिक मजबूती भी इसकी मूल भावना है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है, इसलिए किसानों का आर्थिक उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए हैं, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से सरकार गेहूं 60 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का 40 रुपये प्रति किलोग्राम और कच्ची हल्दी 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद कर रही है। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादकों के हित में गाय के दूध का समर्थन मूल्य 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों को अतिरिक्त राहत देते हुए सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि यदि किसान दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित खरीद केंद्रों तक स्वयं दूध की आपूर्ति करते हैं, तो उन्हें प्रति लीटर 2 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फैसलों से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और युवाओं को खेती से जोड़ने में मदद मिलेगी।

Realme GT 6 भारत में लॉन्च होने की पुष्टि। अपेक्षित स्पेक्स, फीचर्स, और भी बहुत कुछ

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img