International Yoga Day 2026: कोलकाता के रेड रोड से दुनिया को स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का संदेश देगा भारत

International Yoga Day 2026: कोलकाता के रेड रोड से दुनिया को स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का संदेश देगा भारत
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को लेकर देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार योग दिवस का मुख्य राष्ट्रीय आयोजन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित किया जाएगा, जहां से भारत पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, शांति और संतुलित जीवन का संदेश देगा। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि इस वर्ष का योग दिवस वैश्विक स्तर पर अब तक के सबसे बड़े आयोजनों में से एक होगा और दुनिया के लगभग 2,500 स्थानों पर इसका आयोजन किया जाएगा।
कोलकाता के नबन्ना सभागार में आयोजित कर्टेन रेजर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रतापराव जाधव ने कहा कि योग अब केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर नहीं रहा, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवनशैली का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि 210 से अधिक भारतीय मिशन और दूतावास विभिन्न देशों में योग दिवस कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे, जिससे भारत का यह प्राचीन ज्ञान वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत पहचान बनाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘योग 365’ अभियान लोगों को वर्षभर योग से जोड़ने का प्रयास है। इसका उद्देश्य योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखना बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। सरकार चाहती है कि योग हर आयु वर्ग के लोगों की जीवनशैली का अभिन्न अंग बने और लोग इसके माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें।
कार्यक्रम में मौजूद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता के लिए यह गौरव की बात है कि उसे राष्ट्रीय स्तर के योग दिवस समारोह की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की राह दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ, सक्रिय और दीर्घायु जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को समर्पित 12 विशेष डाक आवरण भी जारी किए गए। इन विशेष फिलाटेलिक कवरों के माध्यम से योग के महत्व और उसकी वैश्विक स्वीकार्यता को रेखांकित किया गया।
योग दिवस से पहले पूरे पश्चिम बंगाल में विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘दौड़ से ध्यान’, ‘साइकिलिंग फॉर वेलनेस’, स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, वरिष्ठ नागरिक समूहों, महिला संगठनों, पुलिस और फायर सर्विस विभागों में विशेष योग सत्र शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
20 जून को हुगली नदी के तट पर ‘वंदे योगम्’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। योग और संस्कृति के इस संगम को लेकर राज्यभर में उत्साह का माहौल है।
21 जून को होने वाले मुख्य समारोह में कई भव्य आयोजन आकर्षण का केंद्र बनेंगे। हुगली नदी में लगभग 500 नौकाओं पर सामूहिक योग प्रदर्शन किया जाएगा, जो अपने आप में एक अनूठा दृश्य होगा। इसके अलावा पूरे कोलकाता शहर को योग-थीम आधारित रोशनी से सजाया जाएगा। रात के समय करीब 3,000 ड्रोन के जरिए विशेष ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा, जिसमें योग, भारतीय संस्कृति और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि योग दिवस 2026 केवल एक आयोजन नहीं बल्कि स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सामाजिक समरसता का वैश्विक अभियान बनेगा। कोलकाता के रेड रोड से शुरू होने वाला यह संदेश दुनिया भर के करोड़ों लोगों को स्वस्थ और संतुलित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।





