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LHMC Delhi: एलएचएमसी में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया विस्तार, प्रसव पीड़ा निवारण सेवा और परिवार नियोजन ऑपरेशन थिएटर का शुभारंभ

LHMC Delhi: एलएचएमसी में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया विस्तार, प्रसव पीड़ा निवारण सेवा और परिवार नियोजन ऑपरेशन थिएटर का शुभारंभ

 

नई दिल्ली, 3 जून। महिलाओं के स्वास्थ्य और मातृ देखभाल सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) से संबद्ध श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल में महत्वपूर्ण पहल की गई है। अस्पताल में नए परिवार नियोजन ऑपरेशन थिएटर (एफपीओटी) तथा प्रसव पीड़ा निवारण (लेबर एनाल्जेसिया) सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इन सुविधाओं के शुरू होने से महिलाओं को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। नई सुविधाओं का उद्घाटन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा ने किया। इस अवसर पर एलएचएमसी की निदेशक डॉ. सरिता बेरी तथा अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एल.एच. घोटेकर भी उपस्थित रहे। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि परिवार नियोजन ऑपरेशन थिएटर की स्थापना से महिलाओं को परिवार नियोजन संबंधी सेवाएं अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ ही प्रसव पीड़ा निवारण सेवा की शुरुआत भी अस्पताल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस आधुनिक सुविधा के माध्यम से प्रसव के दौरान महिलाओं को होने वाले दर्द को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी, जिससे प्रसव प्रक्रिया अधिक आरामदायक और सुरक्षित बन सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि लेबर एनाल्जेसिया जैसी सुविधाएं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ मरीजों के समग्र अनुभव को भी बेहतर बनाती हैं।

इसी दौरान विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह के अवसर पर एलएचएमसी में स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। दंत एवं मुख शल्य चिकित्सा विभाग द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के लिए मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के खतरों के बारे में जानकारी दी।

मनोचिकित्सा विभाग ने जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के सहयोग से विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान जादू शो और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से तंबाकू, शराब और ओपिऑयड व्यसन के दुष्प्रभावों को सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। विशेषज्ञों ने इस अवसर पर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए समय पर उपचार, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम में एलएचएमसी की निदेशक डॉ. सरिता बेरी तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एल.एच. घोटेकर सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और छात्र उपस्थित रहे। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नई स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता अभियानों के माध्यम से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

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