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NORCET: केंद्र का बड़ा फैसला: अब केवल NORCET से होगी नर्सिंग भर्ती, केंद्रीय अस्पतालों में ठेका व्यवस्था पर पूर्ण रोक

NORCET: केंद्र का बड़ा फैसला: अब केवल NORCET से होगी नर्सिंग भर्ती, केंद्रीय अस्पतालों में ठेका व्यवस्था पर पूर्ण रोक

नई दिल्ली, 31 मई। केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए नर्सिंग सेवाओं में आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब केंद्रीय अस्पतालों और उनसे संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति केवल नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (NORCET) के माध्यम से नियमित आधार पर की जाएगी। इस निर्णय को देशभर के नर्सिंग समुदाय ने अपनी बड़ी जीत के रूप में देखा है।

मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग अधिकारियों के सभी रिक्त पद नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत भरे जाएंगे और इसके लिए NORCET ही एकमात्र अधिकृत भर्ती माध्यम होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी निजी एजेंसी या आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जाएगी और न ही नर्सिंग सेवाएं प्राप्त की जाएंगी। इस फैसले के बाद केंद्रीय अस्पतालों में प्रस्तावित ठेका भर्ती की सभी संभावनाओं पर प्रभावी रूप से विराम लग गया है।

यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन (AIGNF) ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और सुचेता कृपलानी अस्पताल सहित विभिन्न केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों में प्रस्तावित आउटसोर्सिंग भर्ती के विरोध में 2 जून को सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाने की घोषणा की थी। फेडरेशन का आरोप था कि नर्सिंग सेवाओं में ठेका व्यवस्था लागू करने की कोशिश न केवल पूर्व सरकारी निर्देशों के विपरीत है, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और नर्सिंग पेशे की स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

नर्सिंग संगठनों ने लगातार यह मांग उठाई थी कि नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति केवल नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से की जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके। लंबे समय से चल रहे आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय नर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन की अध्यक्ष रिंकी डांग और महासचिव अनीता पवार ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह देशभर के नर्सिंग अधिकारियों की एकजुटता, संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि नियमित भर्ती प्रणाली न केवल नर्सिंग पेशे को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाएगी, बल्कि मरीजों को भी अधिक गुणवत्तापूर्ण, जवाबदेह और स्थायी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

नर्सिंग संगठनों ने उम्मीद जताई है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के इस आदेश का सभी केंद्रीय अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों में सख्ती से पालन किया जाएगा। उनका मानना है कि यह फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सिंग कैडर को मजबूत करने, रोजगार की स्थिरता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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