Noida: रुपयों के विवाद में प्लंबर पर जानलेवा हमला, प्रॉपर्टी डीलर समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज
Noida: रुपयों के विवाद में प्लंबर पर जानलेवा हमला, प्रॉपर्टी डीलर समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज
नोएडा। सेक्टर-113 थाना क्षेत्र के पर्थला खंजरपुर गांव में रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि एक प्रॉपर्टी डीलर और उसके परिजनों ने एक प्लंबर को बातचीत के बहाने घर बुलाकर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार कृष्णाकुंज निवासी सुमित नारायण ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह पेशे से प्लंबर हैं और उनके पड़ोस में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर हरजीत यादव के साथ उनका पहले से परिचय था। दोनों के बीच कुछ समय से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पीड़ित का आरोप है कि 21 मई की दोपहर हरजीत यादव ने उन्हें फोन कर जरूरी बातचीत के लिए अपने घर बुलाया।
सुमित के मुताबिक जब वह दोपहर करीब ढाई बजे हरजीत यादव के घर पहुंचे तो वहां हरजीत यादव के अलावा उसके मामा और मामा के दो बेटे पहले से मौजूद थे। आरोप है कि चारों लोगों ने पहले से योजना बनाकर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित का कहना है कि हमले में उनके सिर, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें लगीं। बाएं हाथ की हड्डी भी टूट गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और उन्हें मोहल्ला छोड़कर जाने की धमकी दी। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
घटना के बाद घायल अवस्था में पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई। फिलहाल सुमित का इलाज जारी है और चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।
सेक्टर-113 थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर हरजीत यादव समेत चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे की वास्तविक वजह की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।



