उत्तर प्रदेशराज्य

Noida International Airport: जेवर एयरपोर्ट के आसपास बसेंगे दो नए सेक्टर, भूमि खरीद में तेजी; हजारों रोजगार सृजन की उम्मीद

Noida International Airport: जेवर एयरपोर्ट के आसपास बसेंगे दो नए सेक्टर, भूमि खरीद में तेजी; हजारों रोजगार सृजन की उम्मीद

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एयरपोर्ट के आसपास नए सेक्टरों के विकास की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-7 और सेक्टर-8 के लिए किसानों से सीधे भूमि खरीद का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इन दोनों सेक्टरों के लिए आवश्यक जमीन का आधे से अधिक हिस्सा खरीदा जा चुका है और शेष भूमि भी किसानों की सहमति से जल्द अधिग्रहित करने की योजना है।

यीडा अधिकारियों ने बताया कि पूरे क्षेत्र में 46 नए सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें एयरपोर्ट के आसपास स्थित सेक्टरों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। एयरपोर्ट शुरू होने से पहले आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक, व्यावसायिक और लॉजिस्टिक ढांचे को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

प्राधिकरण के अनुसार सेक्टर-8 को विशेष रूप से लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को मुढ़रह गांव के किसानों से भूमि खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सूची भी प्रकाशित की गई। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट से कार्गो उड़ानों की शुरुआत के बाद लॉजिस्टिक सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिसे ध्यान में रखते हुए पहले से ही आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार की जा रही है।

यीडा का कहना है कि एयरपोर्ट परिसर में कार्गो हब का विकास किया जा चुका है, लेकिन औद्योगिक इकाइयों और निर्यात-आयात से जुड़ी कंपनियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शहर स्तर पर भी बड़े लॉजिस्टिक हब विकसित किए जाएंगे। इससे उद्योगों को अपने उत्पादों के भंडारण और परिवहन में सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों के मुताबिक यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक विकास लगातार गति पकड़ रहा है। वर्तमान में 30 से अधिक कंपनियों में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि करीब 400 कंपनियों की परियोजनाओं पर कार्य जारी है। नए सेक्टर विकसित होने के बाद निवेश और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह ने बताया कि नए सेक्टरों के विकास के लिए भूमि खरीद प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए शासन से 2800 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हो चुकी है और एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों का विकास प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस बीच यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में भी चर्चा में है। जेपी समूह की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं से जुड़े हजारों घर खरीदारों के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगे गए जवाब को तय समय सीमा के भीतर दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि 25 हजार से अधिक खरीदारों से जुड़े करीब 14 हजार करोड़ रुपये के मामले में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।

बताया जा रहा है कि यीडा क्षेत्र की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में ही साढ़े चार हजार से अधिक खरीदार लंबे समय से अपने घरों के कब्जे का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों के साथ कथित वित्तीय हेराफेरी और परियोजनाओं में देरी के मामले में संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि घर खरीदारों की धनराशि का दुरुपयोग कर परियोजनाओं को अधर में छोड़ दिया गया, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं।

एक ओर जहां जेवर एयरपोर्ट के आसपास नए सेक्टरों के विकास से क्षेत्र में निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं खुल रही हैं, वहीं दूसरी ओर लंबित आवासीय परियोजनाओं और घर खरीदारों के मुद्दे भी प्राधिकरण के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

Related Articles

Back to top button