Noida Kidnapping Case: 13 साल पुराने अपहरण और कार लूट मामले में आरोपी को 10 साल की सजा
Noida Kidnapping Case: 13 साल पुराने अपहरण और कार लूट मामले में आरोपी को 10 साल की सजा
Noida में 13 साल पुराने अपहरण और कार लूट के मामले में गौतमबुद्धनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दादरी निवासी पवन कुमार को अपहरण, लूट, बंधक बनाने और मारपीट के आरोप में दोषी करार दिया। वहीं, चोरी का माल रखने के आरोप से आरोपी को बरी कर दिया गया।
अदालत ने सजा के साथ आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़ित को प्रतिकर के रूप में दिए जाएं। इस फैसले के बाद लंबे समय से लंबित मामले में पीड़ित परिवार को राहत मिली है।
यह मामला Phase 2 Police Station क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, घटना 4 अप्रैल 2013 की रात की है। पीड़ित सेक्टर-110 स्थित एक दुकान के पास अपनी कार खड़ी कर फल खरीद रहे थे। इसी दौरान दो बदमाश वहां पहुंचे और बंदूक की नोक पर उन्हें जबरन उनकी ही कार में बैठा लिया।
आरोपियों ने पीड़ित को सुनसान इलाके की ओर ले जाकर बंधक बना लिया। बताया गया कि जब कार सुभरा गांव के पास पहुंची तो पीड़ित ने साहस दिखाते हुए किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागने की कोशिश की। इस दौरान बदमाशों ने उन पर गोली भी चलाई, हालांकि वह बाल-बाल बच गए।
घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को पूरी जानकारी दी, जिसके आधार पर 5 अप्रैल 2013 को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान कई साक्ष्य जुटाए और आरोपी पवन कुमार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। लंबे समय तक चली सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी के खिलाफ पेश किए गए सबूत और गवाह पर्याप्त हैं, जिनके आधार पर उसे गंभीर अपराधों का दोषी पाया गया। हालांकि, चोरी का सामान रखने से जुड़े आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर उसे उस धारा से राहत दी गई।
इस फैसले को लेकर कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय बाद आया यह निर्णय अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देता है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने भी अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास करती रहेगी।



