Noida Cyber Fraud: 1.29 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में कैब चालक गिरफ्तार, ठगों को उपलब्ध कराता था बैंक खाते
Noida Cyber Fraud: 1.29 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में कैब चालक गिरफ्तार, ठगों को उपलब्ध कराता था बैंक खाते
Noida में 1.29 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में 21 वर्षीय कैब चालक आकाश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराता था और अवैध लेन-देन में उनकी मदद करता था। पुलिस ने आरोपी को दिल्ली के निहाल विहार इलाके स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया।
Noida Cyber Crime Police के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी साइबर अपराधियों के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करने का काम करता था। जांच में सामने आया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और मजदूरों को जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं ठगों तक पहुंचाता था। बाद में इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को ट्रांसफर करने और छिपाने के लिए किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई डिजिटल अरेस्ट के जरिए की गई 1.29 करोड़ रुपये की साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान की गई। जांच एजेंसियां संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शनों की पड़ताल कर रही थीं। इसी दौरान कुछ बैंक खातों में असामान्य लेन-देन सामने आए, जिसके बाद तकनीकी और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
जांच में यह भी पता चला कि आकाश कुमार पेशे से कैब चालक था, लेकिन अतिरिक्त कमाई के लालच में वह साइबर अपराधियों के संपर्क में आ गया। शुरुआत में उसने अपना खुद का बैंक खाता गिरोह को उपलब्ध कराया और बाद में अन्य लोगों के खाते उपलब्ध कराने का नेटवर्क तैयार करने लगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग आमतौर पर ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं या जल्दी पैसा कमाने की चाह रखते हैं। उन्हें कमीशन और आसान कमाई का लालच देकर बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल अपराध में किया जाता है। कई मामलों में खाते धारकों को बाद में यह भी पता नहीं होता कि उनके खाते साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल यानी एनसीआरपी पर आरोपी के बैंक खातों का सत्यापन किया गया। इसमें खुलासा हुआ कि आरोपी के खातों से जुड़े साइबर अपराधों की कुल 12 शिकायतें देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। इनमें Maharashtra, Telangana, Haryana और Gujarat समेत कई राज्यों के मामले शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे साइबर नेटवर्क, उसके अन्य साथियों और ठगी के पैसों के ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा अब तक कितनी रकम की ठगी की जा चुकी है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में लोगों को किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम या इंटरनेट बैंकिंग जानकारी देने से बचना चाहिए। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील की है।



