Delhi Government: दिल्ली सरकार की सख्ती, अब अस्पतालों से बिना वजह गायब नहीं रह सकेंगे वरिष्ठ डॉक्टर और अधिकारी
Delhi Government: दिल्ली सरकार की सख्ती, अब अस्पतालों से बिना वजह गायब नहीं रह सकेंगे वरिष्ठ डॉक्टर और अधिकारी
नई दिल्ली। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अक्सर इस समस्या का सामना करना पड़ता है कि जरूरत के समय वरिष्ठ डॉक्टर और जिम्मेदार अधिकारी अपने कार्यालयों में मौजूद नहीं मिलते। कभी मीटिंग का हवाला दिया जाता है तो कभी प्रशासनिक कार्यों का बहाना बनाकर अधिकारी घंटों गायब रहते हैं। इसका सीधा असर मरीजों की शिकायतों के समाधान, इलाज और अस्पतालों के प्रशासनिक कार्यों पर पड़ता है। अब दिल्ली सरकार ने इस व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ अधिकारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। नए आदेश के तहत सभी मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस), मेडिकल डायरेक्टर (एमडी), विभागाध्यक्ष (एचओडी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को रोजाना अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इतना ही नहीं, इन अधिकारियों की दैनिक बायोमेट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट हर दिन सुबह 11 बजे तक स्वास्थ्य विभाग की ईमेल आईडी पर भेजना भी अनिवार्य किया गया है।
सरकार का यह फैसला मुख्य सचिव स्तर पर हुई समीक्षा बैठक के बाद लिया गया, जिसमें अस्पतालों में समय पालन और कार्य संस्कृति को लेकर गंभीर चर्चा की गई थी। बैठक में यह पाया गया कि कई अस्पतालों में वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई जरूरी फाइलें लंबित पड़ी रहती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित मौजूदगी से अस्पतालों में जवाबदेही बढ़ेगी और मरीजों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सकेगा। खासतौर पर ओपीडी, भर्ती, रेफरल, दवा वितरण और प्रशासनिक मामलों में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पतालों में अनुशासन और कार्यक्षमता दोनों में सुधार आएगा। साथ ही मरीजों और उनके परिजनों को अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। दिल्ली सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए आगे भी ऐसे सुधारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे।