Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे के इतिहास में नया सुनहरा अध्याय, पीएम मोदी ने मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे के इतिहास में नया सुनहरा अध्याय, पीएम मोदी ने मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
रिपोर्ट: अभिषेक ब्याहुत
देश के लिए आज बेहद खास दिन है, जब भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन सिर्फ रफ्तार का प्रतीक नहीं है, बल्कि आराम, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का भी नया मानक तय करने जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने यहां से गुवाहाटी-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की वापसी को डिजिटल रूप से हरी झंडी भी दिखाई। इस मौके पर, प्रधानमंत्री ने ट्रेन के अंदर बच्चों और स्कूल छात्रों से भी बातचीत की।
लंबी दूरी के सफर का इंतजार हुआ खत्म
अब तक वंदे भारत ट्रेनें चेयर कार संस्करण में छोटी दूरी के लिए जानी जाती थीं, लेकिन लंबे समय से यात्रियों को स्लीपर वर्जन का इंतजार था। आज वह इंतजार खत्म हो गया है। यह स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और बेहद आरामदायक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। नॉर्थ फ़्रंटियर रेलवे ने इस ट्रेन के पहले सफ़र से जुड़ी जानकारी साझा की है, उसके मुताबिक़ यह ट्रेन आज दोपहर एक बजकर पंद्रह मिनट पर कामख्या से रवाना हुई और अब ये अगले दिन सुबह 3:55 पर हावड़ा पहुँचेगी। इस तरह से इस ट्रेन की स्पीड इस सफर के दौरान क़रीब 65 किलोमीटर प्रतिघंटे की होगी। गुवाहटी और हावड़ा के बीच ट्रेन रूट की दूरी क़रीब एक हज़ार किलोमीटर है। हालाँकि वंदे भारत ट्रेन गुवाहटी के ही कामख्या स्टेशन से चलेगी और यह जिस रूट से हावड़ा पहुँचेगी उसकी दूरी क़रीब 958 किलोमीटर है।

हावड़ा से कामाख्या तक तेज और आरामदायक सफर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी। करीब 958 किलोमीटर की दूरी को यह ट्रेन लगभग 14 घंटे में तय करेगी, जो मौजूदा ट्रेनों के मुकाबले करीब 3 घंटे कम है। इससे पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
कोच, किराया और यात्रियों की क्षमता
इस सेमी-हाई स्पीड ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं, जिनमें 1128 यात्रियों के सफर की क्षमता है। इसमें एसी-3 टियर के 11 कोच, एसी-2 टियर के 4 कोच और फर्स्ट एसी का 1 कोच शामिल है। अनुमानित किराया एसी-3 टियर के लिए करीब 2300 रुपये, एसी-2 टियर के लिए करीब 3000 रुपये और फर्स्ट एसी के लिए लगभग 3600 रुपये रखा गया है, ताकि हर वर्ग के यात्रियों को विकल्प मिल सके।

तेज रफ्तार, मेक इन इंडिया तकनीक
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि नियमित संचालन में इसे करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा। यह पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण है, जो देश की स्वदेशी तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
टिकट व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता
इस ट्रेन की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल कन्फर्म टिकट ही जारी होंगे। वेटिंग लिस्ट या RAC की कोई व्यवस्था नहीं होगी और ‘नो वीआईपी कोटा’ नीति के तहत किसी के लिए विशेष कोटा भी नहीं रखा गया है, जिससे टिकट बुकिंग पूरी तरह पारदर्शी बनी रहेगी।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो टकराव जैसी दुर्घटनाओं को रोकने में सक्षम है। ट्रेन का एरोडायनामिक डिजाइन हवा के दबाव को कम करता है, जिससे तेज और स्थिर गति में भी सफर सुरक्षित और आरामदायक रहता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन
ट्रेन में इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट दी गई है, जिससे आपात स्थिति में यात्री सीधे ड्राइवर या गार्ड से संपर्क कर सकते हैं। ड्राइवर का केबिन पूरी तरह डिजिटल और एडवांस कंट्रोल पैनल से लैस है, जिससे संचालन और ज्यादा सुरक्षित होगा और मानवीय गलती की संभावना कम होगी।

पूर्वोत्तर भारत के लिए बड़ी सौगात
18 जनवरी से इस ट्रेन की नियमित सेवा शुरू हो जाएगी। यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन न सिर्फ रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देने वाली साबित होगी।


