उत्तर प्रदेश : हापुड़ में गैस सिलेंडर कालाबाजारी का बड़ा खुलासा, भारत गैस एजेंसी का गोदाम सील

Hapur News : हापुड़ में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अनियमितता और कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पूर्ति विभाग की टीम ने जांच कर कार्रवाई करते हुए भारत गैस एजेंसी के गोदाम को सील कर दिया। साथ ही एजेंसी संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामला थाना देहात क्षेत्र के गांव टियाला स्थित महेंद्र भारत गैस एजेंसी का है। उपभोक्ताओं का आरोप था कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करने के बावजूद उन्हें लंबे समय से सिलेंडर नहीं मिल रहा था। शिकायतों के बाद पूर्ति विभाग ने जांच अभियान चलाया और एजेंसी के संचालन की पड़ताल शुरू की।
पूर्ति निरीक्षक कमलेश कुमार झा के अनुसार अधिकारियों के निर्देश पर जांच टीम सबसे पहले आवास विकास कॉलोनी स्थित एजेंसी कार्यालय पहुंची, जहां कार्यालय बंद मिला। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं ने बताया कि कार्यालय पिछले दो दिनों से बंद है। इसके बाद टीम आनंद विहार स्थित एजेंसी के दूसरे कार्यालय पहुंची, जहां कार्यालय तो खुला मिला लेकिन वहां भी कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। कार्यालय में मौजूद एक युवती ने बताया कि उसकी बहन एजेंसी में काम करती है और वह उसकी जगह बैठी है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एजेंसी द्वारा दो अलग-अलग स्थानों पर कार्यालय संचालित किए जा रहे थे, लेकिन इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी, जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया। इसके बाद टीम गांव टियाला स्थित गैस गोदाम पहुंची, जहां गोदाम बंद मिला। पूछताछ के बाद स्टोरकीपर सूरजभान ने ताला खोलकर निरीक्षण कराया।
निरीक्षण में गोदाम के अंदर 14.2 किलोग्राम के 1057 खाली घरेलू गैस सिलेंडर और 28 भरे हुए घरेलू सिलेंडर मिले। इसके अलावा 19 किलोग्राम के 112 खाली व्यावसायिक सिलेंडर भी पाए गए। सबसे बड़ी अनियमितता यह सामने आई कि मौके पर स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं था, जबकि नियमों के अनुसार गोदाम में स्टॉक रजिस्टर रखना अनिवार्य होता है।
जांच के दौरान गोदाम के बाहर मौजूद कई उपभोक्ताओं ने टीम को बताया कि वे गैस सिलेंडर लेने आए थे, लेकिन उन्हें गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पूर्ति विभाग की टीम ने मौके पर करीब 50 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए। उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस बुकिंग करने के बाद उनके मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज आ गया, लेकिन वास्तव में उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिला। कई लोगों ने आरोप लगाया कि बिना ओटीपी के ही उनके कनेक्शन पर डिलीवरी दर्ज कर दी गई, जिसके कारण वे दोबारा गैस बुकिंग भी नहीं कर पा रहे थे।
कुछ उपभोक्ताओं ने लिखित शिकायत में बताया कि फरवरी और मार्च महीने में डिलीवरी का मैसेज आने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिला, जबकि कई लोगों ने कई महीनों से गैस आपूर्ति नहीं मिलने की बात कही। जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी संचालक द्वारा गैस की आपूर्ति बाधित होने या स्टॉक की कमी की कोई सूचना जिला पूर्ति कार्यालय या प्रशासन को नहीं दी गई थी।
प्रारंभिक जांच में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी कर अवैध लाभ कमाने की आशंका जताई गई है। इसी आधार पर पूर्ति विभाग ने एजेंसी के गोदाम को सील कर दिया। थाना देहात प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक कमलेश कुमार झा की तहरीर के आधार पर एजेंसी संचालक सविता कुमारी गुप्ता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





