Noida: आरडब्ल्यूए की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मिले फोनरवा पदाधिकारी, ईवी चार्जिंग समेत कई मुद्दे उठाए

Noida: आरडब्ल्यूए की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मिले फोनरवा पदाधिकारी, ईवी चार्जिंग समेत कई मुद्दे उठाए
नोएडा में फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम से मुलाकात कर विभिन्न सेक्टरों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। बैठक के दौरान फोनरवा ने विभिन्न सेक्टरों से प्राप्त सुझावों और शिकायतों का एक विस्तृत ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें आरडब्ल्यूए के संचालन में आने वाली प्रशासनिक चुनौतियों, डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्यप्रणाली तथा बहुमंजिला आवासीय सोसाइटियों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग सुविधा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने बैठक में कहा कि आरडब्ल्यूए का कार्य केवल कॉलोनियों के रखरखाव तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने और स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को क्षेत्र के हित में समय-समय पर कई आवश्यक और नियमों के अनुरूप निर्णय लेने पड़ते हैं। हालांकि कई बार कुछ लोग बिना पर्याप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आरडब्ल्यूए के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा देते हैं, जिससे संस्थाओं के कार्य प्रभावित होते हैं और अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
फोनरवा के महासचिव केके जैन ने बैठक में डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्यप्रणाली से जुड़ी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में डिप्टी रजिस्ट्रार सप्ताह में केवल तीन दिन—सोमवार, बुधवार और शुक्रवार—सूरजपुर कार्यालय में बैठते हैं। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी अपने आवश्यक दस्तावेज जमा कर समस्याओं से अवगत कराते हैं, लेकिन संस्थाओं की मूल फाइलें और अभिलेख गाजियाबाद स्थित मुख्य कार्यालय में होने के कारण मामलों के निस्तारण और निर्णय लेने में काफी समय लग जाता है। उन्होंने इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक के दौरान फोनरवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमाशंकर ने बहुमंजिला आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग की सुविधा को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सोसाइटियों में ईवी चार्जिंग की स्थापना और उपयोग को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या मानक प्रक्रिया निर्धारित नहीं की गई है। ऐसे में आरडब्ल्यूए और निवासियों दोनों को कई प्रकार की व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से इस विषय में स्पष्ट और एकरूप दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने फोनरवा की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन में शामिल सभी बिंदुओं का संबंधित विभागों के माध्यम से परीक्षण कराया जाएगा और जो भी सुझाव व्यवहारिक एवं नियमों के अनुरूप होंगे, उन पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन नागरिकों और आरडब्ल्यूए के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि शहर के विभिन्न सेक्टरों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं और त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जा सके।



