Delhi Bulldozer Action: तुर्कमान गेट पर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान बवाल, पथराव में SHO समेत कई पुलिसकर्मी घायल, FIR दर्ज

Delhi Bulldozer Action: तुर्कमान गेट पर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान बवाल, पथराव में SHO समेत कई पुलिसकर्मी घायल, FIR दर्ज
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान देर रात हालात बेकाबू हो गए, जब भारी भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस मामले में चांदनी महल थाना पुलिस ने सरकारी काम में बाधा, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह FIR पुलिस स्टेशन चांदनी महल में तैनात कॉन्स्टेबल संदीप की शिकायत पर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर फैज इलाही मस्जिद के पास MCD द्वारा अवैध कब्जा हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर पहले ही इलाके में सूचना दी गई थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
कॉन्स्टेबल संदीप ने अपने बयान में बताया कि वह बड़ी मस्जिद, तुर्कमान गेट के पास ड्यूटी पर मौजूद थे। देर रात करीब 12 बजकर 40 मिनट पर SHO पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर बैरिकेडिंग कर रहे थे, तभी अचानक 30 से 35 लोगों की भीड़ नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग की ओर बढ़ी। देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और भीड़ ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों के अनुसार मौके पर लगभग दो हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे, जो लगातार उकसाने वाले नारे लगा रहे थे।
पुलिस ने लाउड हेलर के जरिए कोर्ट के आदेश और कानून का हवाला देते हुए भीड़ से शांति बनाए रखने और तितर-बितर होने की अपील की, साथ ही यह भी ऐलान किया गया कि इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है। इसके बावजूद भीड़ नहीं मानी और अचानक तेज पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस पथराव में SHO समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हेड कॉन्स्टेबल जय सिंह के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि कॉन्स्टेबल विक्रम, रविंद्र और अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें लगीं। घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कॉन्स्टेबल संदीप ने आरोप लगाया कि पथराव के दौरान एक व्यक्ति ने उनके हाथ से लाउड हेलर छीनकर उसे तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि पत्थरबाजी करने वाले कई लोग मास्क लगाए हुए थे और कुछ ने तौलियों से अपने चेहरे ढक रखे थे, जिससे पहचान करना मुश्किल हो गया। बयान के आधार पर शहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कासिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ की पहचान की गई है। आरोप है कि अदनान और समीर ने वॉट्सएप के जरिए मैसेज सर्कुलेट कर लोगों को इकट्ठा किया था। सभी नामजद आरोपी हिरासत में बताए जा रहे हैं।
हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया गया और भीड़ को तितर-बितर किया गया। पुलिस ने इस मामले में BNS की धाराएं 221, 132, 121, 191(2), 191(3), 223(A), 3(5) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की साजिश के एंगल से भी जांच की जा रही है और अन्य आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





