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NEET-UG 2026 रद्द होने पर छात्रों को मिले मुआवजा : FAIMS

NEET-UG 2026 रद्द होने पर छात्रों को मिले मुआवजा : FAIMS

नई दिल्ली, 20 मई : नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद फैकल्टी एसोसिएशन ऑफ एम्स (एफएआईएमएस) ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) से छात्रों को मुआवजा देने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पेपर लीक की घटना ने देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है।

एफएआईएमएस ने एनटीए को भेजे पत्र में कहा कि परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई छात्र परीक्षा देने के लिए दूसरे शहरों में पहुंचे थे, जिन पर यात्रा, ठहराव और अन्य व्यवस्थाओं का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। ऐसे में दोबारा परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को हुए खर्च की पूरी भरपाई की जानी चाहिए।

एसोसिएशन ने मांग की है कि छात्रों को हवाई यात्रा, रेल, बस, टैक्सी, होटल और परीक्षा शुल्क सहित अन्य खर्चों की प्रतिपूर्ति दी जाए। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाए, जहां छात्र अपने खर्च से जुड़े दस्तावेज अपलोड कर सकें और सत्यापन के बाद सीधे उनके बैंक खातों में राशि भेजी जाए।

एफएआईएमएस ने इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि पेपर लीक में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा स्वतंत्र “परीक्षा अखंडता आयोग” के गठन की मांग भी की गई है, जो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करे।

फेम्स अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही और महासचिव डॉ. केशव गोयल ने कहा कि छात्रों पर इस घटना का गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा है। इसलिए छात्रों के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन शुरू की जानी चाहिए। साथ ही अंतिम प्रयास वाले अभ्यर्थियों को आयु सीमा में अतिरिक्त छूट देने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और पारदर्शी सुधारों की जरूरत है। छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल करना सरकार और परीक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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