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सेना ने BAT का हमला किया नाकाम, एक घुसपैठिया मार गिराया

-सेना के कैप्टन समेत चार सैनिक घायल एक सैनिक शहीद और एक की हालत गंभीर

नई दिल्ली, 27 जुलाई : जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम सेक्टर में पाकिस्तान की ‘बॉर्डर एक्शन टीम’ (बैट) के हमले को भारतीय सेना ने शनिवार सुबह नाकाम कर दिया। इस हमले की जवाबी कार्रवाई में जहां सेना ने पाकिस्तानी बैट के एक शख्स को मार गिराया। वहीं, सेना का एक जवान वीरगति को प्राप्त हो गया और एक कैप्टन सहित चार अन्य सैनिक घायल हो गए।

सेना के सूत्रों ने बताया कि शनिवार की सुबह तीन घुसपैठियों के समूह ने उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम सेक्टर में कुमकडी चौकी के पास अग्रिम चौकी पर ग्रेनेड फेंका और गोलीबारी की। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में भारत के पांच जवान घायल हो गए, जिनमें से एक ने बाद में दम तोड़ दिया। घंटो तक चली भीषण गोलीबारी के बीच दो घुसपैठिये भाग निकलने में सफल रहे और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में घुस गए।

सूत्रों के अनुसार, सेना के एक कैप्टन समेत चार घायल सैन्यकर्मियों को बेस अस्पताल ले जाया गया है। घायल सैनिकों में से एक की हालत गंभीर बनी हुई है।

क्या है ‘बैट’?
‘बैट’ का पूरा नाम बॉर्डर एक्शन टीम है। यह पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स यानि स्पेशल सर्विस ग्रुप से लिए गए सैनिकों का एक दल है जो बहुत ही क्रूर और वीभत्स हत्याओं के लिए कुख्यात है। बैट में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त आतंकी भी शामिल हैं। इन्हें एलओसी के 1 से 3 किलोमीटर तक अंदर घुसकर हमला करने के लिए तैयार किया गया है। इसके बारे में सबसे पहले जनवरी 2013 की दरमियानी रात को पता लगा था। जब इस टीम ने एलओसी पर पेट्रोलिंग कर रही भारतीय सेना की टुकड़ी को निशाना बनाया था और मेंढर सेक्टर में लांसनायक हेमराज का सिर काट लिया था, जबकि दूसरे सैनिक सुधाकर सिंह के शव को क्षत-विक्षत कर दिया था।

मई से जुलाई के बीच सीमा पर बढ़ जाती हैं घटनाएं

भारत पाकिस्तान की मौजूदा सीमा यानि एलओसी पर गर्मी के मौसम में आतंकी घुसपैठ के मामले बढ़ जाते हैं। दरअसल, इस वक्त पहाड़ों पर बर्फ पिघल रही होती है जिसके चलते पाकिस्तान की ओर से आतंकी घुसपैठ की साजिश करते हैं। एलओसी पर कुछ जगह ऐसी हैं, जहां फेंसिंग लगाना बेहद मुश्किल है। ये दलदल वाला इलाका है। लिहाजा, पाकिस्तान इस इलाके के जानकार आतंकियों को ‘बैट’ के साथ भेजता है।

जुलाई महीने में ही सेना के 14 जवान शहीद

बीते कुछ महीनों से जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की गतिविधियां काफी तेज होती जा रही है। जिसके चलते अब तक भारतीय सेना के 14 जवानों की शहादत हो चुकी है। इनमें बीते 5 और 6 जुलाई को कुलगाम में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के 2 जवानों की शहादत शामिल है। हालांकि, इस दौरान सेना ने 6 आतंकियों को भी मर गिराया गया था। इससे बौखलाए आतंकियों ने 8 जुलाई को कठुआ में सेना के ट्रक पर हमला कर दिया जिससे सेना के 5 जवान शहीद हो गए।

इसके बाद 15 जुलाई की रात डोडा में आतंकी हमले में सेना के 4 जवानों की जान चली गई। 24 जुलाई को कुपवाड़ा जिले के कोवुत इलाके में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को मार गिराया था। हालांकि, इस ऑपरेशन में सेना के एक जवान की भी जान चली गई थी। बट्टल सेक्टर में सेना के एक लांस नायक की जान चली गई थी। वहीं आज यानी शनिवार को कुपवाड़ा में एक और जवान की शहादत हो गई।

एक दिन पहले ही पीएम मोदी ने पाक को दिया था कड़ा संदेश

कारगिल विजय की 25वीं सालगिरह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश आतंकवाद और छद्म युद्ध का उपयोग करके प्रासंगिक बने रहने का प्रयास कर रहा है, लेकिन दुश्मन के नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने अतीत से कोई सबक नहीं लिया है। पीएम का बयान जम्मू क्षेत्र में आतंकवादी घटनाएं बढ़ने के बीच आया था।

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