Road Accident: आंतरिक रक्तस्राव के कारण हुई दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
Road Accident: आंतरिक रक्तस्राव के कारण हुई दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
नोएडा। मथुरा के मांट विधानसभा क्षेत्र के विधायक की सुरक्षा में तैनात दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की सड़क हादसे में हुई मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार दरोगा की मौत शरीर के अंदरूनी अंगों में अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण हुई। हादसे के दौरान उनके पेट और सीने में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके चलते स्पलीन (तिल्ली) से लगातार खून बहता रहा और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी।
जानकारी के अनुसार मांट विधायक राजेश चौधरी रविवार को अपनी पत्नी के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जा रहे थे। वहां से उन्हें हैदराबाद होते हुए तिरुपति बालाजी की यात्रा पर रवाना होना था। दोपहर के समय जब उनका काफिला यमुना एक्सप्रेसवे पर मुंबई लिंक इंटरचेंज के पास पहुंचा, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक हाईवा वाहन ने सुरक्षा एस्कॉर्ट में शामिल बोलेरो को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
हादसा इतना भीषण था कि बोलेरो में सवार दरोगा राजेंद्र सिंह यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। टक्कर के तुरंत बाद विधायक राजेश चौधरी ने घायल दरोगा को अपनी निजी कार से अस्पताल भिजवाया, लेकिन चिकित्सकों के सभी प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि दुर्घटना के दौरान दरोगा के सीने और पेट पर गंभीर चोटें लगी थीं। इन चोटों के कारण स्पलीन में गहरा नुकसान हुआ और शरीर के अंदर तेज रक्तस्राव शुरू हो गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही काफी मात्रा में खून बह जाने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। मेडिकल जांच में मौत का प्रमुख कारण स्पलीन ब्लीडिंग और आंतरिक रक्तस्राव बताया गया है।
हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हाईवा चालक को हिरासत में ले लिया था। दरोगा के बेटे की शिकायत पर जेवर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। सोमवार को आरोपी चालक को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस बीच हादसे के बाद विधायक राजेश चौधरी ने अपनी तिरुपति बालाजी यात्रा स्थगित कर दी और मथुरा लौट गए। उन्होंने घटना को लेकर साजिश की आशंका भी जताई थी। विधायक का कहना था कि जिस प्रकार हाईवा वाहन गलत दिशा से आया, उसे देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जानी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई कोणों से की जा रही है। घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं ताकि हादसे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। यदि विधायक या अन्य किसी पक्ष की ओर से कोई अतिरिक्त शिकायत या तथ्य सामने आते हैं तो उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच पुलिस टीम द्वारा की जा रही है। फिलहाल विधायक की ओर से किसी प्रकार की लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि भविष्य में कोई शिकायत मिलती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई और जांच की जाएगी।

