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Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुधवार को शुरू होंगी पहली कार्गो उड़ानें, उत्तर भारत के लिए बनेगा बड़ा निर्यात केंद्र

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुधवार को शुरू होंगी पहली कार्गो उड़ानें, उत्तर भारत के लिए बनेगा बड़ा निर्यात केंद्र

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुधवार को पहली कार्गो उड़ान की शुरुआत होने जा रही है। इसके साथ ही एयरपोर्ट वाणिज्यिक माल परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करेगा। माना जा रहा है कि कार्गो सेवाओं के शुरू होने से उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के उद्योगों, कारोबारियों और निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा। एयर इंडिया सेट्स ने एयरपोर्ट पर पहले चरण के तहत लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक कार्गो हब विकसित किया है। इस कार्गो हब की वार्षिक क्षमता 2.55 लाख मीट्रिक टन बताई गई है।

यहां आधुनिक कार्गो टर्मिनल, विशाल वेयरहाउस, ट्रकिंग अवसंरचना और डिजिटल कार्गो प्रबंधन प्रणाली को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है, जिससे माल की आवाजाही तेज और अधिक प्रभावी होगी। कार्गो परिचालन के लिए अफकॉम होल्डिंग्स लिमिटेड के साथ समझौता किया गया है। यह चेन्नई स्थित एक अंतरराष्ट्रीय कार्गो एयरलाइन कंपनी है, जो देश और विदेश के कई प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं संचालित करती है। कंपनी के बेड़े में तीन बोइंग 737-800 मालवाहक विमान शामिल हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न देशों तक कार्गो सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अफकॉम की सेवाएं वर्तमान में बैंकॉक, यांगून, हनोई, कोलंबो, माले और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों तक संचालित हैं।

कंपनी सामान्य माल के अलावा औद्योगिक परियोजनाओं से संबंधित सामग्री, जल्दी खराब होने वाले उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा विशेष श्रेणी के कार्गो का भी परिवहन करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कार्गो हब उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक वस्तुएं और अन्य निर्यात सामग्री कम समय में अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेंगी। कार्गो उड़ानों की शुरुआत से क्षेत्र में निवेश, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उद्योग जगत का मानना है कि बेहतर हवाई माल परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से निर्यातकों की लागत कम होगी और वैश्विक बाजार तक उनकी पहुंच आसान बनेगी। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार भविष्य में कार्गो संचालन का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के प्रमुख एयर कार्गो हब के रूप में विकसित हो सके। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के अन्य राज्यों के उत्पादों को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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