Noida Violence Case: नोएडा हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी के खाते में विदेशों से आए एक करोड़ रुपये, NSA की कार्रवाई शुरू
Noida Violence Case: नोएडा हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी के खाते में विदेशों से आए एक करोड़ रुपये, NSA की कार्रवाई शुरू
नोएडा में 13 अप्रैल को हुए हिंसक प्रदर्शन और आगजनी मामले की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच के दौरान पता चला है कि मामले के आरोपी सत्यम वर्मा के बैंक खाते में विदेशों से एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर की गई थी। यह रकम डॉलर, पाउंड और यूरो जैसी विदेशी मुद्राओं में अलग-अलग देशों से भेजी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों की भूमिका हिंसा भड़काने, आगजनी कराने और शहर में अराजक माहौल पैदा करने में अहम मानी जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि 13 अप्रैल को नोएडा के फेज-2 और सेक्टर-63 क्षेत्र में हुए उपद्रव के दौरान औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा था।
जांच के दौरान पुलिस को सत्यम वर्मा के बैंक खातों से जुड़े कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। अधिकारियों का दावा है कि विदेशी मुद्रा में आई रकम को तुरंत दूसरे निजी खातों में ट्रांसफर किया जाता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा किन लोगों या संगठनों की ओर से भेजा गया और आखिर इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।
पुलिस के मुताबिक सत्यम वर्मा कई संगठनों से जुड़ा हुआ है और उन संगठनों की गतिविधियों की भी गहन जांच की जा रही है। बैंक खातों की डिटेल, ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और संदिग्ध खातों का डेटा खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं इस पूरे मामले में विदेशी फंडिंग या हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जिन खातों से पैसा आया और जिन खातों में आगे ट्रांसफर किया गया, उन सभी की पहचान की जा रही है। मामले में आर्थिक अपराध और साइबर जांच एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है। पुलिस का कहना है कि अगर जांच में विदेशी फंडिंग और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रमाण मिलते हैं तो मामले में और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल हिंसक प्रदर्शन तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क की भी भूमिका हो सकती है। फिलहाल पूरे मामले की बहुस्तरीय जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
