राज्यउत्तर प्रदेश

Noida Student Suicide: नोएडा में बीटेक छात्र ने हॉस्टल से कूदकर की आत्महत्या, पिता की डांट और वार्डन की शिकायत बनी वजह

Noida Student Suicide: नोएडा में बीटेक छात्र ने हॉस्टल से कूदकर की आत्महत्या, पिता की डांट और वार्डन की शिकायत बनी वजह

नोएडा। नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दर्दनाक घटना घटी, जिसमें बीटेक छात्र उदित सोनी (28) ने हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उदित झांसी के भोगनीपुर का रहने वाला था और गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र था। उसके साथ हॉस्टल में मौजूद स्टाफ और साथी छात्र उसे तुरंत प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, उदित रात करीब 10 बजे अपने दोस्तों कुलदीप और चेतन के साथ पार्टी से हॉस्टल लौटा था और शराब पी रखी थी। जब वह हॉस्टल गेट पर पहुंचा, तो वार्डन ने उसे गेट पर रोक लिया और वीडियो कॉल के जरिए उसके पिता विजय सोनी को सूचित किया। वार्डन ने बताया कि उदित शराब पीकर आया है और पहले भी ऐसा कर चुका है। इसके बाद पिता ने उसे डांटा और कहा कि यदि उसने बार-बार यह किया तो उसका नाम यूनिवर्सिटी से कटवा दिया जाएगा। वार्डन ने पिता से आश्वासन लिया कि उदित आगे से ऐसा नहीं करेगा और उसे हॉस्टल में जाने की अनुमति दे दी।

हालांकि, उदित अपने कमरे में थोड़ी देर रहने के बाद रात 11 बजे हॉस्टल की चौथी मंजिल पर गया और छलांग लगा दी। तेज आवाज सुनकर हॉस्टल स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे। उदित के सिर से खून बह रहा था और उसे तुरंत एम्बुलेंस से प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

उदित की मौत की खबर जैसे ही उसके साथी छात्रों को मिली, वे हॉस्टल के बाहर इकट्ठा हो गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। छात्रों ने हॉस्टल की सड़कों पर खड़ी पांच बसों के शीशे तोड़ दिए और वार्डन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का आरोप था कि हॉस्टल स्टाफ और वार्डन की शिकायत ने उदित पर मानसिक दबाव डाला, जिससे वह इतनी बड़ी कदम उठाने को मजबूर हुआ।

पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और छात्रों को शांत कराया। छात्रों ने बताया कि अगर हॉस्टल स्टाफ और वार्डन ने थोड़ी समझदारी से काम लिया होता और सीधे पिता को शिकायत करने की बजाय सावधानी बरती होती, तो उदित की जान बच सकती थी। छात्र वार्डन समेत संबंधित स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

घटना ने छात्रों और हॉस्टल स्टाफ के बीच गहरी चिंता और तनाव पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवा मानसिक दबाव और तनाव की स्थिति में ऐसे कदम उठा सकते हैं और परिवार, दोस्त और संस्थान के सहयोग की जरूरत होती है।

Related Articles

Back to top button