Noida Rain: नोएडा में बारिश का कहर, 30 फीट तक धंसी सड़क, डी-मार्ट निर्माण स्थल के पास मचा हड़कंप

Noida Rain: नोएडा में बारिश का कहर, 30 फीट तक धंसी सड़क, डी-मार्ट निर्माण स्थल के पास मचा हड़कंप
नोएडा। लगातार हो रही बारिश ने नोएडा में विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेक्टर-73 स्थित सरफाबाद इलाके में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माणाधीन कमर्शियल प्रोजेक्ट (डी-मार्ट) के पास अचानक सड़क का करीब 25 से 30 फीट लंबा हिस्सा धंस गया। इस घटना से सड़क के साथ-साथ नाला, ट्रांसफॉर्मर और निर्माणाधीन साइट का हिस्सा भी प्रभावित हुआ। वहीं पास में स्थित एक बारातघर भी झुकने की स्थिति में पहुंच गया, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसे तत्काल बंद कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण निर्माणाधीन परियोजना के डबल बेसमेंट में बड़ी मात्रा में पानी भर गया था। बताया जा रहा है कि साइट पर लगभग 25 से 30 फीट गहरी खुदाई कर डबल बेसमेंट तैयार किया जा रहा था। भारी जलभराव और मिट्टी के कटाव के कारण आसपास की जमीन कमजोर होती चली गई और अचानक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी।
सड़क धंसने के कारण निर्माण स्थल से सटा नाला भी क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं वहां स्थापित ट्रांसफॉर्मर नीचे की ओर झुक गया, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई। भूमिगत केबलों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। इसके अलावा निर्माणाधीन इमारत की बाउंड्री वॉल में कई जगह दरारें आ गईं, जबकि पास के दूसरे प्लॉट पर चल रहे निर्माण कार्य को भी नुकसान पहुंचा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी संबंधित अधिकारियों और नोएडा अथॉरिटी को संभावित खतरे की जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का मानना है कि यदि पहले ही आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए जाते तो इतनी बड़ी घटना से बचा जा सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नोएडा अथॉरिटी की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से किसी भी वाहन या राहगीर को प्रभावित क्षेत्र के पास नहीं जाने दिया गया। वहीं सड़क पर बने बड़े गड्ढे को अस्थायी रूप से मिट्टी और रोड़ा डालकर भरने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, ताकि आगे कोई और दुर्घटना न हो।
अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। साथ ही सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की जांच भी कराई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आसपास की अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं और कमजोर स्थानों का समय रहते तकनीकी निरीक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में इसी तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे क्षेत्र की भू-तकनीकी जांच कराई जाए और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।



