Noida Plot Scheme: 32 कंपनियों ने किया आवेदन, ई-ऑक्शन के जरिए होगा प्लॉट आवंटन

Noida Plot Scheme: 32 कंपनियों ने किया आवेदन, ई-ऑक्शन के जरिए होगा प्लॉट आवंटन
नोएडा प्राधिकरण की हाल ही में लॉन्च की गई प्लॉट स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इस योजना के तहत कुल 32 कंपनियों ने आवेदन किया है और सभी आवेदकों ने अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ ईएमडी (Earnest Money Deposit) भी जमा कर दी है। अब अगला चरण ई-ऑक्शन का होगा, जिसमें सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी को संबंधित प्लॉट आवंटित किया जाएगा।
प्राधिकरण ने करीब एक महीने पहले कमर्शियल, होटल, कॉरपोरेट और ग्रुप हाउसिंग प्लॉट्स की यह स्कीम लॉन्च की थी। इस योजना का उद्देश्य खाली पड़े भूखंडों का बेहतर उपयोग करना और प्राधिकरण के राजस्व में बढ़ोतरी करना है। अधिकारियों के अनुसार, जिन प्लॉट्स पर इस बार आवेदन नहीं आए हैं, उन्हें दोबारा नई स्कीम के तहत पेश किया जाएगा।
होटल प्लॉट्स की बात करें तो कुल छह भूखंड निकाले गए थे, जिनका आकार 2000 से लेकर 24 हजार वर्ग मीटर तक है। इनमें से पांच प्लॉट्स पर कोई आवेदन नहीं आया, जबकि सेक्टर-105 में 7500 वर्ग मीटर के एक प्लॉट के लिए दो कंपनियों ने आवेदन किया है।
वहीं कमर्शियल बिल्डर प्लॉट्स के लिए अच्छा रुझान देखने को मिला है। 11 प्लॉट्स के मुकाबले सेक्टर-96, 98, 108, 142 और 135 के भूखंडों के लिए कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा कॉरपोरेट सेक्टर-10 में 1000 वर्ग मीटर के नौ प्लॉट्स के लिए 14 आवेदन आए हैं, जो निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है।
ग्रुप हाउसिंग सेगमेंट में भी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। सेक्टर-151 में दो प्लॉट्स के लिए चार से पांच आवेदन प्राप्त हुए हैं। सभी आवेदकों ने प्राधिकरण में अपने दस्तावेज और ईएमडी जमा कर दिए हैं, जिससे अब प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, ई-ऑक्शन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और ऑनलाइन माध्यम से बोली लगाई जाएगी। जो भी कंपनी सबसे अधिक बोली लगाएगी, उसे प्लॉट आवंटित किया जाएगा। इससे न केवल प्राधिकरण को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को भी गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्कीम से नोएडा में रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलेगी और नए प्रोजेक्ट्स के जरिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आने वाले समय में प्राधिकरण और भी नई स्कीमें लॉन्च कर सकता है, जिससे निवेशकों को बेहतर विकल्प मिल सकें।





