Noida: इंजीनियर युवराज मौत मामले में दो और बिल्डर गिरफ्तार, अब तक तीन सलाखों के पीछे

Noida: इंजीनियर युवराज मौत मामले में दो और बिल्डर गिरफ्तार, अब तक तीन सलाखों के पीछे
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हड़कंप मचाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने इस मामले में दो और बिल्डरों को गिरफ्तार करते हुए बड़ा कदम उठाया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लॉट्स ग्रीन के बिल्डर रवि बंसल और सचिन कर्णवाल शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब तक इस केस में कुल तीन बिल्डरों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
इससे पहले पुलिस विश टाउन के बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया है कि इन बिल्डरों की लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के कारण इलाके में गंभीर जलभराव की स्थिति बनी, जिसने अंततः इंजीनियर युवराज की जान ले ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल एक हादसा नहीं बल्कि पर्यावरणीय और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी का नतीजा है।
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने एक दिन पहले ही इस मामले में कुल पांच बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 290, 270 और 125 के तहत दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी की गई, नालियों और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई और इससे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हुई।
जिन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल वोहरा और निर्मल कुमार के नाम शामिल हैं। इनमें से अभय कुमार, रवि बंसल और सचिन कर्णवाल को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि संजय कुमार और मनीष कुमार की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और सबूतों के आधार पर की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहती। इंजीनियर युवराज की मौत के बाद से ही यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बिल्डरों और संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की दुखद घटना को टाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।





