Noida: दादरी विधायक तेजपाल नागर ने सीएम योगी से की NDRF-SDRF की स्थायी तैनाती की मांग

Noida: दादरी विधायक तेजपाल नागर ने सीएम योगी से की NDRF-SDRF की स्थायी तैनाती की मांग
नोएडा में हाल ही में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर दादरी विधायक तेजपाल नागर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए न केवल गहरी चिंता जताई है, बल्कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती की मांग भी की है।
विधायक तेजपाल नागर ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि इंजीनियर युवराज मेहता की मौत कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक का नतीजा है। उन्होंने इस हादसे के लिए अग्निशमन विभाग, नोएडा प्राधिकरण और आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शहर में जलभराव की गंभीर समस्या और कई इलाकों में खराब या बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट्स ने इस घटना को और भयावह बना दिया।
तेजपाल नागर ने कहा कि बरसात के मौसम में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई सेक्टरों और सड़कों पर जलभराव आम बात हो गई है, लेकिन इसके बावजूद न तो स्थायी समाधान निकाला गया और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते अगर राहत और बचाव की मजबूत व्यवस्था होती, तो शायद इंजीनियर की जान बचाई जा सकती थी।
विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिन विभागों या अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं आम जनता में भय पैदा कर रही हैं और प्रशासन पर से भरोसा कमजोर हो रहा है।
पत्र में तेजपाल नागर ने विशेष रूप से यह मांग उठाई कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऊंची इमारतें, अंडरपास, जलभराव, औद्योगिक क्षेत्र और बढ़ती आबादी को देखते हुए यहां किसी भी आपदा या हादसे के समय त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित बलों की मौजूदगी अनिवार्य हो चुकी है।
विधायक का कहना है कि अगर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की यूनिटें स्थायी रूप से यहां तैनात होती हैं, तो न केवल बरसात के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं में तेजी से राहत पहुंचाई जा सकेगी, बल्कि भविष्य में जान-माल के नुकसान को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।
इस पत्र के बाद एक बार फिर नोएडा में शहरी अव्यवस्था, जलभराव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर बहस तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस मांग पर क्या कदम उठाता है और क्या इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद सिस्टम में कोई ठोस बदलाव देखने को मिलता है या नहीं।





