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AIIMS Protest: कैडर रिव्यू की मांग को लेकर एम्स अधिकारियों का प्रतीकात्मक विरोध

AIIMS Protest: कैडर रिव्यू की मांग को लेकर एम्स अधिकारियों का प्रतीकात्मक विरोध

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अधिकारियों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। एम्स अधिकारी संघ दिल्ली के बैनर तले अधिकारियों ने एम्स परिसर के ऑफिसर्स स्पोर्ट्स पार्क में स्वच्छता अभियान चलाकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। अधिकारियों ने पार्क में झाड़ू लगाकर सफाई की और यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका आंदोलन सकारात्मक, अनुशासित और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित है।

अधिकारियों का यह विरोध एम्स के नॉन-फैकल्टी कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित कैडर रिव्यू को लागू करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। अधिकारी संघ का कहना है कि इस संबंध में प्रस्ताव पिछले दो वर्षों से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास लंबित है, जबकि इसे एम्स की स्थायी वित्त समिति और शासी निकाय पहले ही मंजूरी दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि एम्स के नॉन-फैकल्टी कर्मचारियों का अंतिम कैडर रिव्यू वर्ष 1992 में हुआ था। यानी लगभग 34 वर्षों से इस प्रक्रिया को लागू नहीं किया गया है। जबकि भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के नियमों के अनुसार हर पांच वर्ष में कैडर रिव्यू किया जाना चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि इस मुद्दे से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय और स्वास्थ्य मंत्रालय को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

अधिकारी संघ के अनुसार 10 मार्च से 20 मार्च तक प्रतिदिन लंच टाइम के दौरान चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत 10 मार्च को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया, 11 मार्च को हवन और प्रदर्शन के जरिए विरोध जताया गया और 12 मार्च को स्वच्छता अभियान चलाकर प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि 13 मार्च को ‘जल आंदोलन’ आयोजित किया जाएगा। यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो चरणबद्ध तरीके से उपवास कार्यक्रम शुरू करने की भी योजना बनाई गई है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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