Noida International Airport: मार्च तक तैयार होगी कार्गो विलेज को जोड़ने वाली आठ किलोमीटर लंबी सड़क, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिलेगी स्पेशल कॉरिडोर कनेक्टिविटी

Noida International Airport: मार्च तक तैयार होगी कार्गो विलेज को जोड़ने वाली आठ किलोमीटर लंबी सड़क, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिलेगी स्पेशल कॉरिडोर कनेक्टिविटी
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसके संचालन से पहले सभी बुनियादी सुविधाओं और कनेक्टिविटी से जुड़े कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा आधुनिक एयरपोर्ट होगा, जहां यात्रियों और कार्गो सेवाओं के लिए अलग-अलग और अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसी कड़ी में एयरपोर्ट के कार्गो विलेज को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक विशेष कॉरिडोर सड़क का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जो मार्च तक पूरी तरह तैयार होकर ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के जिलों से आने वाले कार्गो शिपमेंट को सुचारु और तेज आवागमन देने के उद्देश्य से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के माध्यम से इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। यह सड़क करीब 8.25 किलोमीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी होगी, जिसे चार लेन के स्पेशल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सड़क का बड़ा हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है और शेष कार्य को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
यीडा अधिकारियों के अनुसार, यह सड़क नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल के उत्तर और पूर्वी छोर से निकलकर सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी। एनएचएआई द्वारा सड़क निर्माण के तहत मिट्टी भराव, कंक्रीट बेस तैयार करने और कई हिस्सों में डामर की काली पट्टी बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे की ओर दोनों तरफ काली पट्टी और डिवाइडर का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, कुछ स्थानों पर अंडरपास और पुलियों के निर्माण के कारण कार्य अभी बाकी है, जिसे मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस स्पेशल कॉरिडोर के तैयार होने के बाद एयरपोर्ट के कार्गो विलेज को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे मालवाहक ट्रकों को शहर के अंदरूनी मार्गों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही ट्रैफिक का दबाव भी शहरी सड़कों पर कम होगा।
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यह कॉरिडोर और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा, क्योंकि इसे गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़े जाने की योजना है। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) के माध्यम से देश के कई बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इसके बाद मुंबई, आगरा, मथुरा, दिल्ली-एनसीआर, मेरठ और उत्तराखंड तक कार्गो का सीधा और तेज आवागमन संभव हो सकेगा।
इस कनेक्टिविटी के मजबूत होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और यीडा क्षेत्र के औद्योगिक सेक्टरों को बड़ा लाभ मिलेगा। यहां स्थित फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक हब से निकलने वाला माल बिना किसी रुकावट के सीधे एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक पहुंच सकेगा। इससे न केवल निर्यात-आयात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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