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Income Tax Raid: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सात ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच जारी

Income Tax Raid: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सात ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच जारी

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डर और खनन कारोबार से जुड़े मामलों को लेकर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई जारी है। गुरुवार को दूसरे दिन भी जांच टीमों ने कई ठिकानों पर छानबीन जारी रखी। बताया जा रहा है कि देशभर में करीब 35 बिल्डर और खनन कारोबारियों से जुड़े ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई है, जिनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा के सात और दिल्ली के दो परिसरों में जांच चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के कथित कालाधन को बिल्डर परियोजनाओं, प्रॉपर्टी और अन्य निवेशों में खपाने के आरोपों के चलते की जा रही है। आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध रूप से अर्जित धन को किन-किन माध्यमों से निवेश किया गया।

जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्डन आई प्रोजेक्ट के निदेशक आनंद शुक्ला से जुड़े कई ठिकानों पर जांच की जा रही है। इसमें नोएडा की लोटस-300 सोसाइटी में स्थित उनके आवास और ग्रेटर नोएडा के गोल्डन ग्रांडे व्यावसायिक प्रोजेक्ट सहित कुल सात परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया है। आयकर अधिकारियों ने यहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

प्रारंभिक जांच में ऐसे कई दस्तावेज सामने आए हैं, जिनसे बिना हिसाब के करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी मिलने का दावा किया जा रहा है। इन दस्तावेजों को जब्त कर आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में बिल्डर के सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। इनमें खनन कारोबारी सीरजध्वज सिंह की बांदा स्थित कंपनी और उससे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी आयकर विभाग की टीम छानबीन कर रही है। इसके अलावा एविएशन, खनन और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कारोबारी अज्ञात गुप्ता के दिल्ली, लखनऊ और मध्य प्रदेश स्थित ठिकानों पर भी जांच जारी है।

जांच एजेंसियों को शक है कि बिल्डर के कई प्रोजेक्ट्स में खनन कारोबार से जुड़े लोगों की बड़ी रकम निवेश की गई है। आरोप यह भी है कि इन लेनदेन का बड़ा हिस्सा नकद में किया गया, जिससे आय के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके।

आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह जांच अभियान अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। अनुमान है कि तीन से चार दिन तक दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जाएगी, जिसके बाद पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

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