Noida: किसानों की जमीन अटकी, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की 45 मीटर सड़क अधूरी

Noida: किसानों की जमीन अटकी, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की 45 मीटर सड़क अधूरी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए राहत बनने वाली 45 मीटर चौड़ी सड़क एक बार फिर जमीन विवाद में फंस गई है। इस सड़क के बन जाने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगने वाले भारी जाम से निजात मिलने की उम्मीद थी, लेकिन किसानों से जमीन न मिल पाने के कारण निर्माण कार्य रुक गया है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो रोज सुबह और शाम ऑफिस, स्कूल या अन्य जरूरी कामों के लिए इस मार्ग से गुजरते हैं और घंटों ट्रैफिक में फंसे रहते हैं।
प्राधिकरण की योजना के अनुसार यह सड़क नोएडा के सेक्टर-94 से शुरू होकर सेक्टर-150 तक जानी थी और आगे चलकर ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को आपस में जोड़ने वाली एक अहम कड़ी बननी थी। इस वैकल्पिक मार्ग के चालू होने से एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो सकता था। हालांकि सड़क का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है, लेकिन करीब 695 मीटर का हिस्सा अब भी अधूरा पड़ा है, जो पूरी परियोजना के लिए सबसे बड़ी रुकावट बन गया है।
अधिकारियों के मुताबिक पांच अलग-अलग स्थानों पर किसानों से जमीन नहीं मिल पाने के कारण काम रोकना पड़ा है। कुछ किसान जमीन देने के लिए सहमत हो गए हैं, जबकि अन्य से बातचीत अभी जारी है। शहदरा गांव, मोहियापुर और आसपास के इलाकों में सड़क निर्माण को लेकर सबसे ज्यादा अड़चनें सामने आई हैं। कई जगह सड़क का छोटा-सा हिस्सा अधूरा है, लेकिन वही हिस्सा पूरी 45 मीटर चौड़ी सड़क को चालू होने से रोक रहा है।
नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम सिविल विजय कुमार रावल का कहना है कि किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेने की कोशिश की जा रही है, ताकि किसी तरह का विवाद न हो और परियोजना को जल्द पूरा किया जा सके। अगर जमीन का मसला सुलझ जाता है और सड़क पूरी तरह बनकर तैयार हो जाती है, तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगने वाले रोजाना जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल जब तक जमीन अधिग्रहण का यह विवाद खत्म नहीं होता, तब तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वालों को ट्रैफिक की परेशानी से जूझना ही पड़ेगा।
भारत और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2024 में दो बार आमने-सामने हो सकते हैं। जानिए कैसे




