Gulf War Impact: गल्फ देशों में जंग से नोएडा इंडस्ट्री को 1200 करोड़ का झटका

Gulf War Impact: गल्फ देशों में जंग से नोएडा इंडस्ट्री को 1200 करोड़ का झटका
गल्फ देशों में चल रहे युद्ध का सीधा असर अब देश के बड़े इंडस्ट्रियल हब नोएडा पर दिखाई देने लगा है। हर महीने करीब 1200 करोड़ रुपये का तैयार माल गल्फ देशों को निर्यात करने वाला नोएडा अब बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ता दिख रहा है। शिपिंग लाइनों के ठप होने और ऑर्डर होल्ड होने से कारोबार लगभग ठहराव की स्थिति में पहुंच गया है।
उद्योग संगठनों के अनुसार करीब 800 करोड़ रुपये का माल दो सप्ताह पहले निर्यात के लिए भेजा गया था, जो अब पोर्ट पर फंसा हुआ है। जहाजों की आवाजाही रुकने से कंटेनर डंपिंग यार्ड में खड़े हैं। फंसे माल में पैकेज्ड फूड, गारमेंट्स, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी पार्ट्स शामिल हैं। इनमें से कई उत्पाद समय-सीमा से जुड़े होते हैं, खासकर फूड और फैशन सेक्टर के सामान, जिनकी देरी से गुणवत्ता और बाजार मूल्य पर असर पड़ सकता है।
कारोबारी सुधीर श्रीवास्तव के मुताबिक नोएडा से Saudi Arabia, Kuwait, Qatar, Bahrain, Iraq और Iran में बड़े पैमाने पर माल निर्यात किया जाता है। मौजूदा हालात में सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित है। जो माल निकल चुका है वह यार्ड में अटका है, जबकि जो नहीं निकल पाया वह कंपनियों के गोदामों में डंप किया जा रहा है।
नोएडा की अधिकांश निर्यातक कंपनियों को गल्फ क्लाइंट्स की ओर से ‘ऑर्डर होल्ड’ के ईमेल मिल चुके हैं। कई कंपनियों को संकेत दिया गया है कि फिलहाल नए ऑर्डर जारी नहीं होंगे। इससे आने वाले महीनों में उत्पादन घटने, कैश फ्लो पर दबाव बढ़ने और रोजगार पर असर पड़ने की आशंका है।
उद्योगपतियों का कहना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो सबसे ज्यादा मार एमएसएमई सेक्टर पर पड़ेगी। कच्चा माल खरीदकर तैयार उत्पाद बना चुकी कंपनियों के लिए स्टॉक होल्ड करना महंगा साबित होगा। बैंकों की ईएमआई, मजदूरी, बिजली बिल और लॉजिस्टिक्स लागत के बीच नोएडा की इंडस्ट्री पर संकट गहराता जा रहा है।
