उत्तर प्रदेश, नोएडा: व्यापारियों की हुई जीत, व्यापार प्राविधानों का संशोधन अध्यादेश 2025 स्वीकृति प्रदान

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल द्वारा बार-बार मांग किये जाने पर उत्तर प्रदेश शासन ने आखिरकार 28 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश सुगम व्यापार प्राविधानों का संशोधन अध्यादेश 2025 को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
एक विज्ञप्ति के माध्यम से उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल, नोएडा के चेयरमैन नरेश कुच्छल व अध्यक्ष राम अवतार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केबिनेट के जरिए पारित इस अध्यादेश के तहत उत्तर प्रदेश में लागू 13 प्रमुख औद्योगिक व व्यापारिक कानूनों में लगभग 99 प्रतिशत आपराधिक कानून समाप्त कर दिये हैं। अब अधिकांश मामला में उद्यमियों और व्यापारियों को जल भेजने के बजाय आर्थिक दण्ड व प्रशासनिक कार्यवाही की व्यवस्था लागू होगी।
नरेश कुच्छल ने कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल व्यापारियों को सुविधाएं एवं सम्मान दिलाने हेतु प्रदेश सरकारों से पिछले 15 वर्षों से यह मांग कर रहा था कि व्यापारी करदाता और कामदाता दोनों हैं। उसके ऊपर कई विभागों के कानून लागू होते हैं। 1 से 2 प्रतिशत अधिकारी व्यापारियों को सुविधाएं देने के स्थान पर उनको प्रताड़ित करने के लिए छोटी-छोटी बातों पर जेल भेज दिया करते थे। ऐसा करना किसी भी हालत में उचित नहीं माना जा सकता था।
नरेश कुच्छल ने कहा कि व्यापारी समाज, नगर पंचायतों से लेकर केन्द्र सरकार तक सभी स्तर पर लगभग 6-7 विभागों के माध्यम से प्रदेश एवं केन्द्र सरकार को अरबों रुपयों का टैक्स विभिन्न सरकारों को देकर सभी स्तर पर सरकार को संचालित करने का कार्य करता है। भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार भारत में छोटे, मध्यम और बड़े कुल 7 करोड़ व्यापारी कार्यरत हैं, 7 करोड़ व्यापारी अपने उद्योगों और दुकानों पर कम से कम 7 करोड़ लोगों को नौकरी देते हैं। इस प्रकार 14 करोड़ लोगों के परिवार के सदस्यों को मिला लिया जाये तो कुल 70 करोड़ लोगो कों रोजी-रोटी देने का कार्य व्यापारी समाज करता है। इस प्रकार व्यापारी देश का महत्वपूर्ण व्यक्ति है। उसे जेल भेजना किसी भी दशा में उचित नहीं माना जा सकता है।
राम अवतार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उनसे अनुरोध किया था कि व्यापारियों को जेल भेजने के प्रावधानों को समाप्त किया जाये और उनका प्रशासनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से छोटी-छोटी कमियों का समाधान निकाला जाये। अधिकारी चाहे तो वह हर समाधान निकाल सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यापारियों की मांग को उचित समझते हुए विभिन्न कानूनों में संशोधन करके यह निर्णय लिया कि व्यापारियों को अब छोटी-छोटी कमियों में जेल नहीं भेजा जायेगा। सरकार का यह कम सराहना करने योग्य है। सरकार द्वारा व्यापारियों को प्रदान की गयी इस सुविधा के लिए प्रदेश के लाखों व्यापारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट किया है।

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